Pitbull Attack: कभी पिटबुल था अमेरिका का फेवरेट डॉग, आज कैसे बन गया लोगों के लिए खतरा, ये बोले एक्सपर्ट
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Pitbull Attack: कभी पिटबुल था अमेरिका का फेवरेट डॉग, आज कैसे बन गया लोगों के लिए खतरा, ये बोले एक्सपर्ट

Most Dangerous Dogs: वर्ष 1990 के आसपास से, अमेरिका में कई कारणों से बड़े स्तर पर प्रतिबंधों के चलते पिट बुल रखने पर रोक लगा दी गई. इसके पीछे के कारणों में कुछ कुत्तों के हमले, बीमा कंपनियों की आशंका आदि शामिल थे.

Pitbull Attack: कभी पिटबुल था अमेरिका का फेवरेट डॉग, आज कैसे बन गया लोगों के लिए खतरा, ये बोले एक्सपर्ट

Pitbull Price: पचास साल पहले तक पिट बुल अमेरिका का पसंदीदा कुत्ता था. पिट बुल हर जगह मिल जाते थे. वे विज्ञापन में लोकप्रिय थे. आरसीए विक्टर लेबल पर नीपर, ‘अवर गैंग’ कॉमेडी लघु फिल्मों में पेटे द पप और पहले विश्व युद्ध के पोस्टर पर झंडे से लिपटा कुत्ता, सभी पिट बुल थे.

ऐसे में जब 26 अक्टूबर को अमेरिका में राष्ट्रीय पिट बुल जागरूकता दिवस मनाया जाएगा, तो यह सवाल करने का सही वक्त है कि इन कुत्तों को कैसे एक खतरे के तौर पर देखा जाने लगा. वर्ष 1990 के आसपास से, अमेरिका में कई कारणों से बड़े स्तर पर प्रतिबंधों के चलते पिट बुल रखने पर रोक लगा दी गई. इसके पीछे के कारणों में कुछ कुत्तों के हमले, बीमा कंपनियों की आशंका आदि शामिल थे.

रिसर्च में क्या सामने आया

 वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर कॉलिन दयान ने कहा, मैंने गुलामों, आवारा, अपराधियों, आतंकवाद संदिग्धों और सभ्य समाज के लिए खतरे वाले अन्य लोगों के कानूनी इतिहास का अध्ययन किया है. मेरी किताबों ‘द लॉ इज ए व्हाइट डॉग’ और ‘विद डॉग्स एट द एज ऑफ लाइफ’ के लिए, मैंने आदमी और कुत्तों के बीच रिश्तों की जांच की और इस बात की भी पड़ताल की कि कैसे नियम-कानून पूरे वर्ग के प्राणियों को समान सुरक्षा से वंचित कर सकते हैं.

इन कुत्तों के साथ अपने अनुभव के आधार पर मैंने सीखा है कि पिट बुल स्वाभाविक रूप से खतरनाक नहीं होते हैं. अन्य कुत्तों की तरह, वे कुछ भिन्न परिस्थितियों में और कुछ मालिकों की वजह से खतरनाक हो सकते हैं. हालांकि मेरे विचार में, न केवल सभी पिट बुल, बल्कि किसी भी कुत्ते की निंदा करने के लिए कोई बचाव योग्य तर्क नहीं है, जैसा कि कुछ कानून करते हैं.

बेहद ताकतवर होते हैं पिट बुल

पिट बुल काफी ताकतवर होते हैं. इसके जबड़े की पकड़ का मुकाबला करना लगभग असंभव है. इसकी बहादुरी और ताकत इसे किसी भी स्थिति में परास्त नहीं होने देती है, चाहे कितना भी लंबा संघर्ष हो. वह उसी ताकत से प्यार करता है.

दशकों से पिट बुल की सख़्त पकड़ ने ‘डॉगफाइटिंग’ (कुत्ते की लड़ाई) के खेल को बढ़ावा दिया. इस खेल का अंत अक्सर मौत के साथ होता है और जीतने वाले जानवरों ने उन पर दांव लगाने वालों के लिए बड़ी रकम कमाई. हालांकि कुत्तों पर सट्टा लगाना कोई उच्च श्रेणी का खेल नहीं है. कुत्ते घोड़े नहीं हैं; उन्हें हासिल करने और पालने के लिए बहुत कम खर्च होता है.

जारी रहा अवैध कारोबार

वर्ष 1976 तक अमेरिका के सभी 50 प्रांतों में डॉगफाइटिंग को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था, हालांकि इसका अवैध कारोबार जारी रहा. जैसे ही, इस नस्ल पर प्रतिबंध लगा, कानूनी फैसलों ने इन कुत्तों को ‘समुदाय की सुरक्षा या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक’ घोषित कर दिया.

वर्ष 1987 में पत्रिका ‘स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड’ ने ‘बीवेयर ऑफ दिस डॉग’ (इस कुत्ते से सावधान रहें) शीर्षक के साथ कवर पेज पर एक पिट बुल की तस्वीर प्रकाशित की, जिसके दांत दिख रहे थे. टाइम पत्रिका ने भी इससे संबंधित ‘टाइम बॉम्ब्स ऑन लेग्स’ शीर्षक से एक लेख प्रकाशित किया.

पिट बुल को एक समय ‘अमेरिकन केनेल क्लब’ द्वारा एक अमेरिकी स्टैफोर्डशायर शिकारी कुत्ते के तौर पर मान्यता दी गई थी, लेकिन अब ‘पिट बुल प्रकार’ के तौर पर वर्गीकृत किसी भी कुत्ते को कई समुदायों में गैर-कानूनी माना जाता है. उदाहरण के लिए, मैरीलैंड कोर्ट ऑफ अपील्स ने कुत्ते से जख्मी होने के मामलों में प्रांत के सामान्य कानून को संशोधित किया. पिट बुल जीन युक्त कोई भी कुत्ता कानून के मामले में ‘स्वाभाविक रूप से खतरनाक’ है.

(इनपुट-एजेंसी)

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