55 दिनों तक कहां छिपा था ममता का लाडला, दीदी देखो संदेशखाली दिवाली मना रहा
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55 दिनों तक कहां छिपा था ममता का लाडला, दीदी देखो संदेशखाली दिवाली मना रहा

Sandeshkhali News: गिरफ्तारी की खबर सुनकर संदेशखाली की महिलाएं सड़कों पर निकलकर एक दूसरे से खुशियां बांट रही हैं, शंख बजा रही हैं, एक दूसरे को गुलाल और सिंदूर लगा रही हैं, खुशी से चिल्ला रही हैं.

55 दिनों तक कहां छिपा था ममता का लाडला, दीदी देखो संदेशखाली दिवाली मना रहा

Shajahan Sheikh Mamata Banerjee: संदेशखाली का खलनायक शाहजहां शेख पुलिस की गिरफ्त में है. महिलाओं के आंदोलन और आक्रोश के बाद शेख को गिरफ्तार करना ममता सरकार और बंगाल पुलिस की मजबूरी बन गई थी. संदेशखाली में बीते 15 वर्षों से शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर अत्याचार करने के आरोप हैं. महिलाओं ने बड़ी हिम्मत करके TMC के इस ताकतवर नेता के खिलाफ आवाज़ बुलंद की. अब जब खौफ का सबब बन चुके शेख की गिरफ्तारी हुई तो संदेशखाली की जनता ने दिवाली की तरह उत्सव मनाया. 

उत्सव ऐसा कि मानो संदेशखाली से रावण का अंत हो गया हो, संदेशखाली से कंस का साम्राज्य खत्म हो गया हो. शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के बाद संदेशखाली के लोगों ने मिठाई बांटी और जश्न मनाया. गिरफ्तारी की खबर सुनकर संदेशखाली की महिलाएं सड़कों पर निकलकर एक दूसरे से खुशियां बांट रही हैं, शंख बजा रही हैं, एक दूसरे को गुलाल और सिंदूर लगा रही हैं, खुशी से चिल्ला रही हैं. इन महिलाओं के लिए शेख शाहजहां कितना बड़ा विलेन था उसे इस तरह से समझा जा सकता है कि उसकी गिरफ्तारी की खबर के बाद संदेशखाली की मिट्टी को महिलाएं गंगाजल से पवित्र कर रही हैं. 

संदेशखाली का सबसे बड़ा खलनायक...
एक महिला ने कहा कि हमारी संदेशखाली की माटी इन तीनों पापियों की वजह से अ​पवित्र हो गई थी. आज वो पकड़ा गया है तो हम संदेशखाली की मिट्टी को पवित्र कर रहे हैं. कुछ महिलाएं तो सीधे-सीधे शेख शाहजहां के लिए सजा ए मौत मांग रही हैं. संदेशखाली का सबसे बड़ा खलनायक शाहजहां शेख पुलिस की गिरफ्त में तो आ गया है मगर अभी भी पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा या नहीं, इसे लेकर सवाल बरकरार हैं. क्योंकि शेख के लिए ममता दीदी की दरियादिली छिपी नहीं है.

दीदी के लाडले का नंबर गेम ..
टीएमसी से बदनामी के दाग को मिटाने के लिए ममता बनर्जी ने पार्टी से शेख शाहजहां को 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया. लेकिन शेख की अकड़ को देखकर लगता नहीं कि उसका बाल भी बांका होगा. इसीलिए बीजेपी पूरे केस की जांच सीबीआई से कराने का मांग कर रही है. सलाखों के पीछे जाने के बाद भी शेख शाहजहां की हनक और हेकड़ी कम नहीं हुई है. तस्वीरों में ऐसा दिख रहा है मानो वो पुलिस कस्टडी में नहीं बल्कि बतौर नेता पुलिस स्टेशन का दौरा करने के लिए आया है.. पश्चिम बंगाल में शाहजहां किस तरह से रौब झाड़ता दिख रहा है...ये सब आपको आगे दिखाएंगे लेकिन पहले दीदी के लाडले का नंबर गेम समझिए.

- संदेशखाली कांड का मुख्य आरोपी शाहजहां शेख 55 दन बाद गिरफ्तार किया गया.
- उसके खिलाफ हत्या, मनीलॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार, ईडी की टीम पर हमले समेत कुल 42 मुकदमे दर्ज हैं.
- 2023 के पंचायत चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक शाहजहां शेख ने अपनी सालाना कमाई 20 लाख रुपये बताई थी. लेकिन लोगों का दावा है कि शेख का साम्राज्य करोड़ों का है.
- शाहजहां शेख के पास करीब 14 एकड़ जमीन भी है लेकिन इसमें उस ज़मीन का ब्योरा नहीं है जिस पर अवैध कब्जा किया गया
- शाहजहां शेख के पास 17 गाड़ियां भी हैं.

चेहरे पर ना तो खौफ दिखा ना कानून का डर..
संदेशखाली के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार विपक्ष के निशाने पर है. कठघरे में पुलिस भी है और गिरफ्तारी के बाद शाहजहां शेख का रवैया भी. उसके हाव भाव से ऐसा लग रहा है मानो बंगाल पुलिस, बंगाल सरकार, बंगाल का सिस्टम और कानून उसके ठेंगे पर है. सबको डराने वाला शेख पुलिस के शिकंजे में आया तो उसके चेहरे पर ना तो खौफ दिखा ना कानून का डर? सवाल ये है कि आखिर इतना गुरूर और अहंकार किस बात का है?

55 दिन तक कहां रहा.?
शाहजहां शेख 55 दिन तक कहां रहा...बंगाल पुलिस को आखिर क्यों पता नहीं चला. इसीलिए शेख की गिरफ्तारी को लेकर बंगाल पुलिस भी सवालों के घेरे में है. शाहजहां शेख की गिरफ्तारी से पहले भी सवाल थे और गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल हैं. शाहजहां शेख 5 जनवरी को ईडी की टीम पर हमले के बाद से फरार था तो इतने दिनों से वो किसके संरक्षण में था ? क्या ममता सरकार ईडी के केस का बहाना बनाकर उसकी गिरफ्तारी से पल्ला झाड़ती रही ? सवाल ये भी है कि अगर संदेशखाली की जनता दबाव नहीं बनाती तो बंगाल पुलिस शाहजहां शेख को कभी गिरफ्तार नहीं करती.

सुप्रतिम सरकार, ADG, बंगाल साउथ ने बताया कि ईडी ने हाईकोर्ट में जांच के लिए याचिका दाखिल की थी और कोर्ट ने इसकी इजाजत भी दे दी थी. इसलिए उसकी गिरफ्तारी ना करने को लेकर हमारी कानूनी बाध्यता थी, लेकिन 2 दिन पहले हाईकोर्ट ने साफ किया था कि उसकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है. उसके बाद हमने छापेमारी की और कल रात खुफिया जानकारी मिलने के बाद हमने शाहजहां शेख को गिरफ्तार किया.

सी.वी. आनंद बोस, राज्यपाल, पश्चिम बंगाल ने कहा कि आज बंगाल में, हम अंत की शुरुआत देख रहे हैं. संदेशखाली घटनाओं के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हर किसी के लिए आंखें खोलने वाली है. ये केवल शुरुआत है, हमें बंगाल में हिंसा को खत्म करना होगा. हालांकि शाहजहां शेख के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अभी तमाम सवाल हैं. बंगाल में  ममता सरकार के खिलाफ बीजेपी लगातार हमलावर है. इससे साफ है कि महिलाओं की अस्मिता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर आने वाले दिनों में भी सवाल जवाब वाली सियासत होती रहेगी. लेकिन सवाल उठ रहा है आखिरकार जिस शेख शाहजहां से संदेशखाली की महिलाएं इतनी नफरत करती हैं वो आ​खिरकार 55 दिन से कहां छिपा था.

(इनपुट- जी न्यूज, संदेशखाली ब्यूरो)

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