दिल्ली से मेरठ तक पूरी रैपिड रेल कब होगी चालू? अब तक कितना हुआ काम; जान लें एक-एक अपडेट
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दिल्ली से मेरठ तक पूरी रैपिड रेल कब होगी चालू? अब तक कितना हुआ काम; जान लें एक-एक अपडेट

Delhi-Meerut RRTS: दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल से जुड़े आरआरटीएस प्रोजेक्ट के दिल्ली ब्लॉक से खुशखबरी आई है. सबकुछ सही तरह से चला तो 2025 की शुरुआत में ये ब्लॉक चालू हो सकता है. वहीं NCRTC का लक्ष्य है कि जून 2025 तक पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को चालू कर दिया जाए.

दिल्ली से मेरठ तक पूरी रैपिड रेल कब होगी चालू? अब तक कितना हुआ काम; जान लें एक-एक अपडेट

Delhi-Meerut Regional Rapid Transit System: नई दिल्ली से मेरठ की दूरी अब 45 मिनट में पूरी होगी. ये चमत्कार होगा रैपिड रेल से. इसी नेटवर्क से दिल्ली के यात्रियों के लिए खुशखबरी आई है. दरअसल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के दिल्ली ब्लॉक पर काम बड़ी तेज रफ्तार से पूरा हो रहा है. दिल्ली सेक्शन की बात करें यहां घाट का निर्माण लगभग पूरा हो गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब 7 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर अब रेडी टू यूज यानी इस्तेमाल के लिए तैयार है.

आपको बताते चलें कि रैपिड रेल का कॉरिडोर 82 KM लंबा है. दिल्ली में इसकी लंबाई 14 KM है. जिसका 9 KM हिस्सा एलिवेटेड और 5 KM अंडरग्राउंड है. दिल्ली के एलिवेटेड ब्लॉक का 7 KM का हिस्सा बनकर तैयार है. जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार के चार स्टेशनों वाले 14 KM ब्लॉक में 12 KM का काम जल्द पूरा होने वाला है.

जानिए कहां तक पहुंचा काम?

रैपिड रेल नेटवर्क के अधिकारियों के मुताबिक अबतक न्यू अशोक नगर और आनंद विहार भूमिगत स्टेशन के बीच 2 KM लंबे वायाडक्ट पर पटरी बिछ चुकी है. बिजली पहुंचाने के लिए ओएचई मास्ट भी करीब 2 KM तक लगा दिए गए हैं. दिल्ली से मेरठ तक पूरा कॉरिडोर 2025 तक चालू होने की संभावना है. NCRTC के अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली के 14 किलोमीटर के ब्लॉक पर 2025 की शुरुआती एक दो महीनों में हो सकता है.

सराय काले खां स्टेशन पर कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म लेवल का काम पूरा हो चुका है. सराय काले खां चार ट्रैक और छह प्लेटफॉर्म वाला सबसे बड़ा RRTS स्टेशन है. यह 215 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 15 मीटर ऊंचा स्टेशन रणनीतिक रूप से एक मेट्रो स्टेशन, भारतीय रेलवे के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन और वीर हकीकत राय बस टर्मिनल के नजदीक स्थित है.

सार्वजनिक परिवहन से यात्रियों को जोड़ने का प्रयास

इसके अंतर्गत यात्रियों की सुगम और निर्बाध यात्रा के लिए आरआरटीएस स्टेशनों की योजना रणनीतिक रूप से इस प्रकार बनाई गई है कि इन्हें मौजूदा सार्वजनिक परिवहन साधनों के जितना करीब संभव हो बनाया जाए और इनमें आपस में कनेक्टिविटी दी जाए. मुसाफिरों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सराय काले खां RRTS स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के बीच सीधा रास्ता जोड़ने के लिए 280 मीटर लंबा पैदल यात्री पुल बना रही है. न्यू अशोक नगर RRTS स्टेशन आकार ले चुका है. आनंद विहार RRTS स्टेशन का काम तेजी से चल रहा है. यहां कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म लेवल तैयार है और ट्रैक पर पटरी बिछाई जा रही है.

नोएडा वालों को भी फायदा

न्यू अशोक नगर RRTS स्टेशन को न्यू अशोक नगर के मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी देने के लिए करीब 90 मीटर लंबा और करीब 6 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज बनाया गया है. ये मेट्रो के कॉनकोर्स लेवल पर कनेक्ट होगा. दिल्ली का न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन यूपी के नोएडा से सटा है. नोएडा से दिल्ली के दिल्ली मेट्रो के डेली पैसेंजर्स के लिए ये एक माइलस्टोन है. RRTS प्रोजेक्ट के मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन के जरिए नोएडा वाले लोग भी न्यू अशोक नगर RRTS स्टेशन पहुंचकर चुटकी बजाते रैपिड रेल से मेरठ या दिल्ली पहुंचेंगे. NCRTC का लक्ष्य है कि जून 2025 तक पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को पूरी तरह चालू कर दिया जाए.

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