'तेरे इमाम के पूरे करियर पर...', पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने सौरव गांगुली पर किया पोस्ट तो लोगों ने दिखा दी औकात
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'तेरे इमाम के पूरे करियर पर...', पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने सौरव गांगुली पर किया पोस्ट तो लोगों ने दिखा दी औकात

Sourav Ganguly Imam ul Haq: पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने अजीब सा पोस्ट किया है. उसने भारत के बेहतरीन कप्तानों मे एक सौरव गांगुली की तुलना पाकिस्तानी ओपनर इमाम उल हक से कर दी है.

'तेरे इमाम के पूरे करियर पर...', पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने सौरव गांगुली पर किया पोस्ट तो लोगों ने दिखा दी औकात

Sourav Ganguly Imam ul Haq: भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच तुलना नई बात नहीं है. दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच टक्कर का इंतजार सबको रहता है. सचिन तेंदुलकर का शोएब अख्तर से मुकाबला जोरदार होता था. अब तेंदुलकर की जगह विराट कोहली ने ले ली. उनकी टक्कर पहले मोहम्मद आमिर और अब शाहीन अफरीदी से होती है. हाल ही में महेंद्र सिंह धोनी की तुलना एक पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने मोहम्मद रिजवान से कर दी थी. इस कारण उस पत्रकार की काफी आलोचना हुई थी.

फैंस ने लगा दी जर्नलिस्ट की क्लास

अब उसी पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने अजीब सा पोस्ट किया है. उसने भारत के बेहतरीन कप्तानों मे एक सौरव गांगुली की तुलना पाकिस्तानी ओपनर इमाम उल हक से कर दी है. उसने गांगुली और इमाम की तस्वीरें पोस्ट करके फैंस से बेहतर खिलाड़ी चुनने के लिए कहा. यह तुलना फैंस को पसंद नहीं आई और उन्होंने पत्रकार की आलोचना की. फैंस ने कहा कि गांगुली की तुलना इमाम से करना सही नहीं है, जिन्होंने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में खुद को स्थापित नहीं किया है.

18 हजार से ज्यादा रन गांगुली के नाम

गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे मैच खेले और 18,000 से अधिक इंटरनेशनल रन बनाए. वह लंबे समय तक भारत के कप्तान रहे. गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी. दूसरी ओर, 28 वर्षीय इमाम ने 24 टेस्ट, 72 वनडे और 2 टी20 मैच खेले हैं और अपने करियर में 5000 से कम इंटरनेशनल रन बनाए हैं. इसके अलावा वह टीम से बाहर भी चल रहे हैं.

 

 

 

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बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे गांगुली

गांगुली को प्यार से 'दादा' कहा जाता है. वह भारत के सबसे प्रभावशाली क्रिकेट कप्तानों में से एक के रूप में मनाए जाते हैं. गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे हैं. 2000 से 2005 तक भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए गांगुली ने अपनी आक्रामक कप्तानी शैली और निडर रवैये से भारतीय क्रिकेट को बदलकर रख दिया.

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गांगुली ने युवाओं को आगे बढ़ाया

गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती थी. उनके कार्यकाल को वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, मोहम्मद कैफ, आशीष नेहरा, जहीर खान, युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी जैसे युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है.

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