Ajab Gajab: इस गांव में रहते थे बौने लोग, घरों की अजीबोगरीब बनावट देती हैं इस बात का सबूत
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Ajab Gajab: इस गांव में रहते थे बौने लोग, घरों की अजीबोगरीब बनावट देती हैं इस बात का सबूत

Ajab Gajab: माखुनिक गांव के लोगों की हाइट बहुत कम होती है. आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस गांव में 70-80 घर ऐसे हैं, जिनकी ऊंचाई केवल डेढ़ से दो मीटर ही है. इससे साफ पता चलता है कि यहां कभी बौने लोग रहते थे.

Ajab Gajab: इस गांव में रहते थे बौने लोग, घरों की अजीबोगरीब बनावट देती हैं इस बात का सबूत

अजब-गजब: हम सभी ने अपने बचपन में बौने लोगों की कहानियां जरूर सुनी हैं. टीवी चैनल्स पर शोज में दिखाए जाने वाले बौने किरदारों को देखकर सभी के मन में कभी न कभी तो यह ख्याल आया ही होगा कि क्या वाकई इतने छोटे लोग दुनिया में हो सकते हैं?

खैर ये तो हो गई किस्से कहानियों की बात, लेकिन हकीकत की दुनिया में भी एक ऐसी जगह (Dwarf Village) मौजूद है जहां बौने लोग रहते हैं. कहते है कि इस समय ईरान के रहने वाले लोगों की जितनी औसत लंबाई है, उससे करीब 50 सेंटीमीटर कम लंबाई के लोग इस गांव में रहते थे. आइए विस्तार बताते हैं इस जगह के बारे में...

अफगानिस्तान-ईरान की सीमा से सटा है यह गांव
इस गांव को माखुनिक के नाम से जाना जाता हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 200 वर्षों पहले इस गांव के ज्यादातर लोग इतने छोटे कद के होते थे कि उनके घर से लेकर जरूरत की सभी चीजें भी बेहद छोटी-छोटी होती थीं. इन्हें देखकर आपकी आंखें भी खुली की खुली रह जाएंगी.

हालांकि, अब वहां रहने वाले लोगों का कद बढ़ा है, लेकिन आज की दुनिया के लोगों की तरह सामान्य कद काठी के अब भी नहीं हो पाएं है. जानकारी जुटाने पर पता चला कि यह गांव साल 2005 में उस समय सुर्खियों में आया, जब यहां खुदाई के दौरान सिर्फ 25 सेमी लंबाई की एक ममी मिली थी. 

13 गांवों से बना था बौनों का शहर
खुदाई में इतनी छोटी हाइट की ममी मिलने के बाद. यह विश्वास पक्का हो गया कि ईरान में स्थित माखुनिक समेत 13 गांव कभी प्राचीन बौनों का शहर था. हालांकि, इसे लेकर विशेषज्ञों का अलग-अलग दावा है. कुछ लोग बौने वाली बात पर विश्वास नहीं करते, उनका यह मानना है कि खुदाई के दौरान निकली ममी समय से पहले पैदा हुए किसी बच्चे की हो सकती है. 

जानें क्यों छोटा है इस गांव के लोगों कद
माखुनिक ईरान के दूरदराज का एक सूखा इलाका है. यहां कुछ अनाज, जौ, शलजम, बेर और खजूर जैसे फल की ही खेती होती थी. दावा किया जाता है कि इस गांव के लोगों कद इसलिए नहीं बढ़ पाया, क्योंकि इसके लिए जिन पोषक तत्वों की जरूरत शरीर को होती हैं, वो यहां के लोगों को नहीं मिल पाते थे. वहीं, ये लोग अफीम का सेवन करते थे, जिसने उनके शरीर का विकास पूरी तरह रुक गया. 

बाद में कद बढ़ने की ये रही होगी वजह
20वीं सदी के मध्य में जब इस इलाके तक सड़कें बनाई गईं तो लोग शहरों में जाकर काम करते. वहां से खाने के लिए चावल और चिकन लेकर आते थे. खानपान में बदलाव  के चलते उनकी हाइट बढ़ने लगी. 

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