MP निकाय चुनावः अगर लड़ने जा रहे हैं महापौर-पार्षद का Election, पढ़िए यह जरूरी खबर
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MP निकाय चुनावः अगर लड़ने जा रहे हैं महापौर-पार्षद का Election, पढ़िए यह जरूरी खबर

एमपी में नगरीय निकाय चुनाव दो चरण में होंगे. पहले चरण का मतदान 6 जुलाई को होगा, पहले चरण की मतगणना और परिणाम की घोषणा 17 जुलाई को होगी. जबकि दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होगा और मतगणना और परिणाम 18  जुलाई को आएगा. अगर आप महापौर या पार्षद का चुनाव लड़ने जा रहे हैं तो इसकी पूरी जानकारी हम आपको बताने जा रहे हैं. 

 

MP निकाय चुनावः अगर लड़ने जा रहे हैं महापौर-पार्षद का Election, पढ़िए यह जरूरी खबर

भोपाल। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा हो चुकी है. प्रदेश में निकाय चुनाव दो चरण में आयोजित हो रहे हैं. इस बार के निकाय चुनावों में कुछ बदवाल भी हुए हैं. ऐसे में अगर आप भी चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं तो इन बदलावों और निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन आपको जानना जरूरी है. इसके अलावा कब कहां चुनाव होंगे इस सबकी पूरी जानकारी हम आपको बताने जा रहे हैं. 

दो चरणों में होंगे निकाय चुनाव 
एमपी में नगरीय निकाय चुनाव दो चरण में होंगे. पहले चरण का मतदान 6 जुलाई को होगा, पहले चरण की मतगणना और परिणाम की घोषणा 17 जुलाई को होगी. जबकि दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होगा और मतगणना और परिणाम 18  जुलाई को आएगा. 11 तारीख से से नगरीय निकायों की निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन होगा, 18 जून तक नामंकन प्राप्त करने की अंतिम तारीख रहेगी. 20 जून को नामांकन पत्रों की समीक्षा की जाएगी और 22 जून को नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी, इसी दिन चुनाव चिन्हों का आवंटन होगा. 

चुनाव लड़ने के लिए इन बातों का रखे ध्यान 
अगर आप भी नगरी निकाय चुनाव में महापौर या पार्षद का चुनाव लड़ने जा रहे हैं तो हम आपको कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं. किसी भी निकाय में महापौर या पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए संबंधित व्यक्ति को उस निकाय का मतदाता होना जरूरी है. जबकि 20 जून 2022 तक महापौर का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र 25 साल और पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए 21 साल होना जरूरी है. प्रत्याशी जुलूस प्रचार और रैली कर सकते हैं, लेकिन निर्वाचन के दौरान प्रचार, जुलूस, रैली के लिए अनुमति जरूरी होगी

महापौर-पार्षद के लिए नॉमिनेशन के साथ कितनी राशि करनी होगी जमा
इसके अलावा एक उम्मीदवार महापौर और पार्षद का चुनाव एक साथ लड़ सकता है, लेकिन उस व्यक्ति की उम्र 25 साल होना जरूरी है. निकाय चुनाव में शैक्षणिक योग्यता की कोई शर्त लागू नहीं है. लेकिन नामांकन पत्र में पूरी जानकारी देनी होगी. जिसमें उम्मीदवार की पढ़ाई और उसका पूरा विवरण होना चाहिए. 

  • अगर आप महापौर का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आपको नॉमिनेशन पत्र के साथ 20 हजार रुपए जमा करने होंगे. 
  • नगर निगम में पार्षद पद के लिए नॉमिनेशन पत्र के साथ 5 हजार रुपए जमा करने होंगे. 
  • नगर पालिका में पार्षद पद के लिए नॉमिनेशन पत्र के साथ 3 हजार रुपए जमा करने होंगे. 
  • नगर परिषद में पार्षद पद के लिए नॉमिनेशन पत्र के साथ 1 हजार रुपए जमा करने होंगे. 

इन लोगों को मिलेगी छूट 
नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और पार्षद पद के लिए होने वाले चुनाव में आरक्षित वर्गों और महिला प्रत्याशियों को नामांकन के साथ जमा होने वाली राशि में छूट भी मिलेगी. SC-ST, OBC और महिला उम्मीदवार को नॉमिनेशन पत्र के साथ जो राशि तय की गई है, उसका आधा हिस्सा जमा करना होगा. 

चुनाव में कितना पैसा खर्च कर सकते हैं उम्मीदवार 
इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में उम्मीदवारों के खर्च को लेकर भी गाइडलाइन बनाई है. पहले महापौर पद के उम्मीदवार के लिए खर्च की जाने वाली राशि की जानकारी आपको बताते हैं. मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम हैं, जिनकी अलग-अलग जनसंख्या है ऐसे में खर्च भी राशि भी अलग-अलग तय की गई है. 

  • जिन नगर निगमों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 10 लाख से ज्यादा है, वहां महापौर पद का उम्मीदवार 35 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 
  • जिन नगर निगमों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 10 लाख से कम है, वहां महापौर पद का उम्मीदवार 15 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 

पार्षद पद के लिए राशि 
इसी तरह पार्षद पद के उम्मीदवार के लिए भी खर्च की राशि तय की गई है. 

  • जिन नगर निगमों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 10 लाख से ज्यादा है, वहां पार्षद पद का उम्मीदवार 8.75 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 
  • जिन नगर निगमों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 10 लाख से कम है, वहां पार्षद पद का उम्मीदवार 3.75 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 
  • जिन नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 1 लाख से ज्यादा है, वहां पार्षद पद का उम्मीदवार 2.5 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 
  • जिन नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 1 लाख से 50 हजार के बीच है, वहां पार्षद पद का उम्मीदवार 1.5 लाख रुपए खर्च कर सकता है. 
  • जिन नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 50 हजार से कम है, वहां पार्षद पद का उम्मीदवार 1 लाख रुपए तक खर्च कर सकता है. 
  • नगर परिषदों में पार्षद पद का उम्मीदवार 75 हजार रुपए तक की राशि चुनाव में खर्च कर सकता है. 

कैसे होगी वोटिंग 
इस बार नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रणाली लागू होगी. इसलिए वोटिंग की प्रक्रिया भी इस बार बदली होगी. ऐसे में नगरीय निकाय चुनाव में वोटिंग कैसे होगी इसकी भी जानकारी हम आपको बताने जा रहे हैं. 

  • नगर निगम में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, ऐसे में वोटर को यहां दो वोट देने होंगे एक पार्षद पद के उम्मीदवार को दूसरा महापौर पद के उम्मीदवार के लिए. 
  • नगर पालिका और नगर परिषद में वोटर को केवल संबंधित वार्ड के पार्षद पद के उम्मीदवार को ही वोट देना होगा. 
  • अगर आप किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देना चाहते तो वोटर के पास नोटा का ऑप्शन भी होगा. 
  • वोटर को वोटिंग के लिए मतदान केंद्र पर वोटर कार्ड,आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य कोई पहचान पत्र दिखाना होगा. 
  • नगरीय निकाय चुनाव में वोटिंग का समय 7 से शाम 5 बजे तक रहेगा. 

कब कहा होंगे चुनाव 
पहले चरण में राजधानी भोपाल के साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, सागर, सतना, सिंगरौली में चुनाव होंगे. यहां यहां मेयर और पार्षद दोनों चुने जाएंगे. वहीं दूसरे चरण में रतलाम, रीवा, देवास, मुरैना और कटनी में चुनाव होंगे. 

इतने निकाय में होगा चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में कुल 413 नगरीय निकाय है, इनमें 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका परिषद, कुल 298 नगर परिषद, जिसमे 35 नए नगर परिषद भी शामिल किए गए हैं. जिनमें से 35 नई परिषदों मे 29 में चुनाव होगा. 321 नगरीय निकायों का कार्याकाल पूरा हो चुका है, जबकि 57 का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, जहां अभी चुनाव आयोजित नहीं कराए जाएंगे.

पहले चरण में 133 नगरीय निकाय में चुनाव होंगे, जिनमें 13148 मतदान केंद्र होंगे. इनमें 11 नगर पालिक निगम में चुनाव होंगे. दूसरे चरण में में नगर पालिका निगम 5 समेत कुल 214 निकायों के चुनाव, जहां 6829 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी. हर निकाय के लिए एक रिटर्निंग ऑफिस और उसके साथ एक या दो सहायक होंगे, नगर पालिका निगम 16 हैं, इनमें 884 वार्डो में 884 पार्षद चुने जाएंगे. नगर पालिका परिषद 76 इनके 1795 वार्ड,नए नगर परिषदों में 29 में चुनाव होंगे इनमें 435 वार्ड हैं. नगर पालिका निगम में महापौर का निर्वाचन डायरेक्ट होगा, अन्य में सिर्फ पार्षदों का चुनाव होगा वह अपना अध्यक्ष चुनेंगे.

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