IAS Story: आईएएस बनना था, मम्मी पापा से पूछा तो कहा; छोड़ दो मंत्रालय की नौकरी, ऐसे बनी गांव की लड़की अफसर
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IAS Story: आईएएस बनना था, मम्मी पापा से पूछा तो कहा; छोड़ दो मंत्रालय की नौकरी, ऐसे बनी गांव की लड़की अफसर

Kanika Rathi IAS: उन्होंने 30 अप्रैल 2022 को अपना UPSC इंटरव्यू दिया और उसका रिजल्ट 30 मई 2022 को आया. UPSC परीक्षा में 64वीं रैंक देखकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

IAS Story: आईएएस बनना था, मम्मी पापा से पूछा तो कहा; छोड़ दो मंत्रालय की नौकरी, ऐसे बनी गांव की लड़की अफसर

UPSC Success Story in Hindi: हरियाणा के बहादुरगढ़ की रहने वाली कनिका राठी ने यूपीएससी परीक्षा में सफल होकर पूरे गांव का नाम रोशन किया. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 64वीं रैंक हासिल कर अपने बचपन के सपने को पूरा किया है. कनिका ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी थी और वह अपनी सफलता का पूरा क्रेडिट अपने माता-पिता और परिवार को देती हैं.

आईएएस कनिका राठी के पिता एक इंजीनियर हैं. उनके चाचा डॉ. अनिल राठी सीनियर डॉक्टर हैं. वहीं उनकी मां नीलम त्रिपाठी टीचर हैं. कनिका राठी अपने स्कूल के दिनों से ही काफी मेधावी रही हैं. उन्होंने बहादुरगढ़ के बाल भारती स्कूल से 12वीं पास करने के बाद दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से गणित में बीएससी की डिग्री हासिल की. उन्होंने अशोका यूनिवर्सिटी से लिबरल स्टडीज में पीजी भी किया है. 

नहीं कर पाई थीं एग्जाम क्लियर

आईएएस कनिका राठी ने साल 2015 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने दिल्ली के करोल बाग स्थित एक कोचिंग सेंटर में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. साल 2016 और 2017 में फेल होने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू कर दी.

2019 में मिली थी नौकरी

साल 2019 में कनिका राठी को गृह मंत्रालय में नौकरी मिल गई. पटना के आईबी विभाग में कुछ समय तक सरकारी नौकरी करने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता से सलाह-मशविरा कर इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 30 अप्रैल 2022 को अपना UPSC इंटरव्यू दिया और उसका रिजल्ट 30 मई 2022 को आया. UPSC परीक्षा में 64वीं रैंक देखकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. आखिरकार उसने चौथे प्रयास में परीक्षा पास कर ली और आईएएस बन गईं.

5 से 6 घंटे करती थीं पढ़ाई

IAS कनिका राठी को गार्डनिंग और पेंटिंग का भी बहुत शौक है. वह दिन में 5-6 घंटे पढ़ाई करती थीं और रिवीजन को ही सफलता का आधार मानती थीं. वह एक साल कोचिंग के लिए गईं, लेकिन उसके बाद उन्होंने सेल्फ स्टडी को तरजीह दी. पढ़ाई के लिए उन्होंने यूट्यूब पर ट्यूटोरियल्स की भी मदद ली.

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