CM केजरीवाल और LG के घर के बाहर महापंचायत की घोषणा, आखिर क्यों नाराज है दिल्ली देहात?
Advertisement
trendingNow11874164

CM केजरीवाल और LG के घर के बाहर महापंचायत की घोषणा, आखिर क्यों नाराज है दिल्ली देहात?

Delhi News: इससे पहले 3 सिंतबर को पालम 360 दिल्ली और उसके आसपास के 365 गावों के मुद्दों पर महापंचायत हुई थी. नाराज ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की ओर से अव्यवहारिक नियमो को दिल्ली देहात के ग्रामीणों पर थोपा जा रहा है.

CM केजरीवाल और LG के घर के बाहर महापंचायत की घोषणा, आखिर क्यों नाराज है दिल्ली देहात?

Delhi Villages: दिल्ली के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ी लड़ाई की घोषणा की है. दिल्ली देहात के ग्रामीणों ने पालम 360 खाप के बैनर तले शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आवास के बाहर महापंचायत करने का ऐलान किया है. ऐसा बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में दिल्ली के 360 गांवों के लोग शिरकत करेंगे.

दिल्ली-पालम 360 खाप की महापंचायत की एक प्रमुख मांग यह है कि एमसीडी ग्रामीण इलाक़ो में रिहायशी संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस देना बंद करे. इसके आलावा ग्रामीणों की मांग है कि दिल्ली सरकार ग्रामसभा की जमीन डीडीए को देना बंद करे.

इन मांगों पर भी जोर दे रहे हैं ग्रामीण
महापंचायत की यह भी मांग है कि लाल डोरे का विस्तार किया जाए, ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण करने के मामले में अल्टरनेटिव प्लॉट जल्द से जल्द दिए जाएं और गांव वालों को पुश्तैनी सम्पति का मालिकाना हक दिया जाए.

पालम 360 खाप के प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने आरोप लगाया सरकार की ओर से अव्यवहारिक नियमो को दिल्ली देहात के ग्रामीणों पर थोपा जा रहा है.

इससे पहले 3 सितंबर को हुई थी महापंचायत
इससे पहले 3 सिंतबर को पालम 360 दिल्ली और उसके आसपास के 365 गावों के मुद्दों पर महापंचायत हुई थी. सोलंका ने आरोप लगाया कि आधुनिकीकरण के नाम पर गांवों को ठगा गया है और उनके साथ विश्वासघात हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से मोहताज हो गए हैं, क्योंकि गांव में उनको सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1 इंच जमीन भी नहीं बची है.

इसके साथ ही सोलंकी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जमीनों के बदले वैक्लपिक प्लॉट नहीं अब तक नहीं दिए. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और उसके आसपास के 200 गांवों में इस मुद्दे पर पंचायतें हुई हैं.

Trending news