MP Seat Analysis: धाकड़ vs ब्राह्मण है ये सीट, 10 साल में ऐसे बदले समीकरण; किसे मिलेगा पोहरी का फल
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MP Seat Analysis: धाकड़ vs ब्राह्मण है ये सीट, 10 साल में ऐसे बदले समीकरण; किसे मिलेगा पोहरी का फल

MP Seat Analysis Pohri Vidhan Sabha: विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2023) से ठीक पहले मध्य प्रदेश में सियासी दलों के साथ स्थानीय नेता एक्टिव हो गए हैं. आइये समझते हैं धाकड़ और ब्राम्हणों के बीच रहने वाली शिवपुरी जिले (Shivpur News) की पोहरी विधानसभा सीट (Pohri Constituency) का सियासी समीकरण क्या कह रहा है.

MP Seat Analysis: धाकड़ vs ब्राह्मण है ये सीट, 10 साल में ऐसे बदले समीकरण; किसे मिलेगा पोहरी का फल

Pohri Vidhan Sabha Seat Analysis: अब मध्य प्रदेश अगले कुछ महीनों से पूरी तरह से विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2023) के रंग में रंगने वाला है. जल्द होने जा रहे विधानसभा चुनाव में सभी की नजरें बनी हुई हैं. दलबदल और दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. आइये समझते हैं 2008 के पिरिसीमन के बाद आई शिवपुरी (Shivpur News) की पोहरी सीट का सियासी और जातीय समीकरण क्या है और यहां अभी तक हुए चुनावों के परिणाम किस ओर इशारा कर रहे हैं?

2018 के चुनाव परिणाम
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के सुरेश धाकड़ ने जीत हासिल की थी. जबकि, इनके सामने BSP के कैलाश कुशवाह रहे हैं. फाइनल काउंटिंग में कांग्रेस उम्मीदवार को यहां से 60654 वोट और BSP उम्मीदवार को 52736 मिले थे. 

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जातिगत वोटरों की संख्या
पोहरी में जातिगण वोटों के गणित की बात की जाए तो यहां से आदिवासी वोटर 38,000, धाकड़ वोटर 38,000, कुशवाह से 26,000 वोटर और यादव समाज से 18,000 वोटर, जाटव वोटरों की संख्या 18,000 जबकि, ब्राह्मणों की संख्या 10,000 है. पोहरी में ब्राह्मणों की संख्या कम होने के बाद भी ये यहां से चुन कर आते रहे हैं.

धाकड़ और ब्राम्हण करते रहे हैं राज
पोहरी सीट 2008 के परिसीमन के बाद सामने आई थी. हालांकि, क्षेत्र के पिछले प्रभाव के हिसाब से बात करें तो यहां ज्यादातर समय यहां राजमाता के प्रभाव के कारण भारतीय जनसंघ और उसके बाद जनता पार्टी और फिर भाजपा का कब्जा रहा है. इस सीट के इतिहास में पांच बार ब्राह्मण और छह बार धाकड़ समाज के प्रत्याशी जीते हैं. खास बात ये की पिछले 10 साल से ब्राह्मण समाज के पलायन के कारण ये सीट आदिवासी व पिछड़ा वर्ग बहुल्य हो गई.

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नई सीट के गठन के बाद यहां पहली जीत भाजपा के प्रह्लाद भारती ने दर्ज की. उनके सामने मुख्य प्रतिद्वंदी रहे हरिबल्लभ शुक्ला 19390 यानी करीब 16.98% फीसदी मतों के अंतर से हार गए. इसके बाद साल 2013 में दोबारा से कांग्रेस के हरिबल्लभ शुक्ला के सामने बीजेपी के प्रह्लाद भारती ने 10320 मतों के अंतर से जीत हासिल की. हालांकि, 2018 में स्थिती बदली और कांग्रेस के सुरेश धाकड़ ने BSP के कैलाश कुशवाह को हरा कर विधानसभा पहुंच गए.

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क्या हैं वोटरों के आंकड़े?
विधानसभा चुनाव 2018 के अनुसार शिवपुरी की पोहरी में वोटरों के आंकड़ों की बात करें तो यहां कुल 215685 वोटर हैं. इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 116410 है. वहीं 99271 महिला महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकती हैं. अब देखना होगा की इस बार पोहरी के लोग किस आधार पर वोट करते हैं और किसी अपना प्रतिनिधी बनाकर विधानसभा में भेजते हैं.

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