Sanjay Dutt: इस स्टार को संजू के मुकाबले मिली कई गुना ज्यादा फीस, साउथ में रही दोनों की बड़ी टक्कर
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Sanjay Dutt: इस स्टार को संजू के मुकाबले मिली कई गुना ज्यादा फीस, साउथ में रही दोनों की बड़ी टक्कर

Sanjay Dutt Fees: संजय दत्त कन्नड़ की केजीफ के बाद एक फिर से साउथ में अपनी खलनायकी दिखाने के लिए तैयार हैं. उनकी फिल्म लियो रिलीज होने जा रही है. मगर चौंकाने वाली बात यह है कि फिल्म के हीरो और विलेन बने संजू की फीस में भारी अंतर है...

 

 

Sanjay Dutt: इस स्टार को संजू के मुकाबले मिली कई गुना ज्यादा फीस, साउथ में रही दोनों की बड़ी टक्कर

Sanjay Dutt Film: यह साफ हो चुका है कि बॉलीवुड के सितारे अब दक्षिण भारतीय फिल्मों मे अपने लिए जगह तलाश रहे हैं. उन्हें कुछ सफलता भी मिली है, लेकिन इतना साफ है कि वहां के सितारों के आगे उनकी फीस और स्टारडम पहुंचने में समय लगेगा. क्या आप सोच सकते हैं कि जो संजय दत्त बॉलीवुड में स्टार हैसियत रखते हुए अपनी फिल्म में सबसे मोटी फीस लेते हैं, उन्हें साउथ में काम करने पर वहां सुपरस्टार के मुकाबले कितनी कम फीस मिल रही है. जब वह फिल्म के मुख्य विलेन बने हैं. जी हां, खबर है कि दलपति विजय की 19 अक्टूबर को आ रही फिल्म लियो में संजय दत्त की फीस लीड स्टार के मुकाबले बेहद कम है.

फीस का भारी अंतर
बॉलीवुड हंगामा के अनुसार फिल्म के क्रेज को देखते हुए अनुमान है कि लियो दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचेगी. फिल्म की विदेश में जमकर एडवांस बुकिंग हुई है. लियो का बजट 250-300 करोड़ रुपये के करीब बताया जा रहा है. लेकिन इसके स्टार कलाकारों की फीस चौंकाने वाली है. लियो में लीड रोल निभा रहे दलपति विजय को इस फिल्म के हीरो के रूप में 120 करोड़ रुपये की भारी फीस मिल रही है. वहीं बॉलीवुड लियो में अहम किरदार निभाने वाले खलनायक स्टार संजय को लियो में केवल 8 करोड़ रुपये की फीस मिल रही है.

समस्या हिंदी की
सबकी नजर इस बात पर है कि संजय दत्त का फिल्म में रोल कैसा और कितना है. फिल्म में तृषा कृष्णन मुख्य नायिका हैं. तृषा दक्षिण भारतीय फिल्मों में सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में से एक हैं और उन्हें फिल्म में अपने किरदार के लिए पारिश्रमिक के रूप में 5 करोड़ रुपये का भुगतान हो रहा है. तमाम प्रचार-प्रसार के बाद भी हिंदी के डब वर्जन को कई मल्टीप्लेक्स लियो को रिलीज नहीं कर रहे हैं क्योंकि मामला फिल्म की ओटीटी रिलीज से जुड़ा है. असल में साउथ की फिल्में रिलीज के चार हफ्तों के बाद ओटीटी पर पहुंच जाती हैं, जबकि हिंदी फिल्म आठ हफ्ते बाद स्ट्रीम होती है. हिंदी के थिएटर मांग कर रहे हैं कि लियो को वे तभी लगाएंगे, जब वह आठ हफ्ते बाद ओटीटी पर रिलीज होगी. मगर ऐसा नहीं हो रहा है.

 

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