बेहद दर्दनाक थी 90 के दशक के खूंखार विलेन की मौत, आखिरी समय में पहचान पाना तक हो गया था मुश्किल!
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बेहद दर्दनाक थी 90 के दशक के खूंखार विलेन की मौत, आखिरी समय में पहचान पाना तक हो गया था मुश्किल!

Rami Reddy Tragic Life Facts: रामी को ‘वक्त हमारा है’ में खूंखार कर्नल शिकारा से लेकर हकीकत फिल्म में निभाए गए  ‘अन्ना’ तक के किरदार के लिए जाना जाता था.

बेहद दर्दनाक थी 90 के दशक के खूंखार विलेन की मौत, आखिरी समय में पहचान पाना तक हो गया था मुश्किल!

Rami Reddy Tragic Life: बॉलीवुड फिल्मों में जब भी विलेन की बात होती है तो गब्बर सिंह, मोगैंबो और शाकाल जैसे किरदार ही नजर आते हैं. हालांकि,  आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे एक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने लगभग 250 फिल्मों में एक खतरनाक विलन का किरदार निभाया था. बावजूद इसके वे लोगों की बीच अपनी खास पहचाना बना पाने में कामयाब नहीं हो सके थे. हम बात कर रहे हैं रामी रेड्डी (Rami Reddy)  की, जो अपनी अनूठी डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने जाते थे। रामी को ‘वक्त हमारा है’ में खूंखार कर्नल शिकारा से लेकर हकीकत फिल्म में निभाए गए  ‘अन्ना’ तक के किरदार के लिए जाना जाता था.

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पत्रकार से एक्टर बने थे रामी रेड्डी 

रामी रेड्डी का पूरा नाम गंगासानी रामी रेड्डी था और उनका जन्म आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के वाल्मीकिपुरम गांव में हुआ था। रामी ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद से पत्रकारिता की डिग्री ली थी और कुछ समय के लिए बतौर पत्रकार काम भी किया था. हालांकि, बाद में फिल्मों में आने के लिए रामी ने नौकरी छोड़ दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामी रेड्डी ने तेलुगु फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी और उन्हें जल्द नेगेटिव रोल्स में पॉपुलैरिटी मिलने लगी थी. 

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लिवर की गंभीर बीमारी से गई थी जान 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रामी रेड्डी को लिवर से जुड़ी गंभीर समस्या  थी जिसके चलते वे अक्सर बीमार रहते थे और यही वजह थी कि उन्हें धीरे-धीरे फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया था.  बताते हैं कि सालों बाद जब वह एक फंक्शन में नजर आए तो इतने दुबले-पतले और कमजोर हो चुके थे कि उन्हें बमुश्किल ही कोई पहचान पा रहा था. बताते चलें कि किडनी और लिवर की बीमारी से जूझते रामी का  14 अप्रैल, 2011 को निधन हो गया था.

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