Guru Pushya Yog: अप्रैल के अंत में बनेगा गुरु पुष्य योग के साथ ये अद्भुत संयोग, धन-दौलत में बेशुमार वृद्धि कराएंगे ये कार्य
Advertisement
trendingNow11668726

Guru Pushya Yog: अप्रैल के अंत में बनेगा गुरु पुष्य योग के साथ ये अद्भुत संयोग, धन-दौलत में बेशुमार वृद्धि कराएंगे ये कार्य

Guru Pushya Yog benefits: ज्योतिष शास्त्र में कुछ शुभ योगों का जिक्र किया गया है. इन्हीं में से एक है गुरु पुष्य योग. इसे सभी मुहूर्त में से सबसे श्रेष्ठ माना गया है. इस माह में 27 अप्रैल के दिन ये योग बनने जा रहा है.

 

फाइल फोटो

What To Do In Guru Pushya Yog: ज्योतिष शास्त्र में कुछ शुभ योग ऐसे होते हैं, जो मां लक्ष्मी की कृपा प्रदान करती हैं. हर माह एक बार गुरु पुष्य योग पड़ता है. लेकिन अगर ये गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु पुष्य योग के नाम से जाना जाता है. वहीं, रविवार के दिन पड़ने पर इसे रवि पुष्य योग के नाम से जानते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुहूर्त शास्त्र में 27 नक्षत्रों में से गुरु पुष्य को सर्वश्रेष्ठ माना गया है.

कहते हैं कि इस दिन शुभ और मांगलिक कार्य करने से कई गुना अधिक लाभ होता है. ऐसी मान्यता है कि  इस दिन विवाह को छोड़कर किसी भी काम को करने से उसमें जरूर सफलता प्राप्त होती है. अप्रैल में पड़ने वाला गुरु पुष्य योग बेहद खास है.

इसलिए खास है इस माह  का गुरु पुष्य योग

अप्रैल माह में 27 अप्रैल को गुरु पुष्य योग का निर्माण हो रहा है. क्योंकि इस दिन गुरु ग्रह का उदय होने वाला है. गुरु के उदय होते ही मांगलिक और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. इतना ही नहीं, इस दिन अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है. इतने शुभ योगों में किए गए काम से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता हासिल होती है.

कब से कब तक है गुरु पुष्य योग

हिंदू पंचांग के अनुसार गुरु पुष्य योग 27 अप्रैल 2023 गुरुवार के दिन सुबह 7 बजे से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 6 बजकर 7 मिनट तक रहेगा. वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन 28 अप्रैल सुबह 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही, अमृतसिद्धि योग भी सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही रहने वाला है.

गुरु पुष्य योग में करें ये काम

- ज्योतिष शास्त्र में गुरु पुष्य योग को बेहद शुभ माना गया है. इस योग में धर्म-कर्म, अनुष्ठान, मंत्र दीक्षा अनुबंध, व्यापार आरंभ आदि कार्य शुभ फल प्रदान करते हैं.

- कहते हैं कि गुरु पुष्य योग में भगवान विष्णु की विधिवत्त पूजा की जाती है. साथ ही, भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना भी लाभदायी होता है. साथ-साथ व्यक्ति की कुडंली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है.

- मान्यता है कि इस योग में जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज, जल, वस्त्र, पैसा आदि का दान अवश्य करना चाहिए. इससे व्यक्ति की कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है.

- कहते हैं कि गुरु पुष्य योग और गुरु उदय के समय सत्तू, गुड़, पानी, घी, मिट्टी का घड़ा देना भी शुभ फलदायी माना गया है.

अपनी फ्री कुंडली पाने के लिए यहां क्लिक करें
 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
 

 

Trending news