Sukhdev Singh Gogamedi Murder: 'मर्द की मौत पर मातम नहीं, कैसे हो इंसाफ'? गोगामेड़ी की हत्या पर पूर्व MP आनंद मोहन ने की ये डिमांड
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Sukhdev Singh Gogamedi Murder: 'मर्द की मौत पर मातम नहीं, कैसे हो इंसाफ'? गोगामेड़ी की हत्या पर पूर्व MP आनंद मोहन ने की ये डिमांड

Anand Mohan on Sukhdev Singh Gogamedi Murder: जयपुर में करणी सेना के नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड को लेकर राजपूत समाज का आक्रोश, राजस्थान की सीमाओं से निकलकर बिहार तक पहुंच गया है. इस मर्डर को लेकर देशभर के राजपूर समाज में रोष है. इस हत्या को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने चौंकाने वाली डिमांड रखी है.

Sukhdev Singh Gogamedi Murder: 'मर्द की मौत पर मातम नहीं, कैसे हो इंसाफ'? गोगामेड़ी की हत्या पर पूर्व MP आनंद मोहन ने की ये डिमांड

Bihar Politics Saharsa News: करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या (Sukhdev Singh Gogamedi Murder) के बाद राजपूत समाज का आक्रोश राजस्थान की सीमा को पार करते हुए बिहार तक पहुंच गया है. इस मर्डर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सहरसा में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि अगर सरकार और पुलिस प्रसासन जल्द से जल्द हत्यारों पर सख़्त से सख्त कार्रवाई नहीं की तो फिर राजस्थान ही नहीं पूरा देश आग का दरिया बन जाएगा.

'मर्द की मौत का मातम नहीं करते'

गोगामेड़ी की हत्या को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा, 'बेदर्द वक्त ने असमय एक चुनौती भेजा है और मैं यह कहने के लिए विवश हूं कि हमें छेड़ना आसान है धोखे से नुकसान पहुंचाना आसान है. लेकिन छेड़ कर इतनी आसानी से निकल जाना नामुमकिन है. मर्द की मौत पर मातम नहीं करते हैं. इसलिए बता दूं कि कायर लोगों ने गलत नंबर डायल कर दिया है. मैं वहां के स्थानीय पुलिस, राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार से मांग करता हूं, कि समय रहते सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए वरना राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरा देश आग का दरिया बन जाएगा.

'मौत का बदला मौत... '

इस हत्याकांड पर आक्रोशित पूर्व सांसद आनंद मोहन ने ये भी कहा, 'गोगामेड़ी जी की साजिशन हत्या हुई है. इंसाफ की बात की जाए तो ऐसे मामलों में मौत का बदला मौत होता है. खैर एनी हाऊ.... अब मर्डर के रहस्यों पर से जल्द ही पर्दा उठेगा. सब जानते हैं कि अपने ऊपर मंडरा रहे खतरे की सूचना उन्होंने कई लोगों को दी थी. सुरक्षा मांगी थी. खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट थी कि उन्हें मारने के लिए AK-47 खरीदी गई. इसके बावजूद उन्हे मार दिया गया. ये राजस्थान पुलिस के लिए लानत की बात है.'

टाइमिंग पर ध्यान देने की जरूरत

आनंद मोहन ने कहा कि ये भी सामने आ रहा है कि खुफिया एजेंसियां, चाहे केंद्र या राज्य की हों, उनको ये जानकारी थी. इस मामले में बहुत दूर की बातें हैं. एक पार्टी की सरकार का जाना और दूसरी का आना. यानी हत्या के लिए ये जो टाइम चुना गया वो बताता है कि किसी शातिर दिमाग की ही उपज है.

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