निकाय चुनाव के रण में 'स्मार्ट सिटी' पर सियासत
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निकाय चुनाव के रण में 'स्मार्ट सिटी' पर सियासत

MP Nikay Chunav: निकाय चुनाव के बीच स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट सिटी योजना के बावजूद प्रदेश के निकायों में विकास नहीं हुआ है. कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है.

निकाय चुनाव के रण में 'स्मार्ट सिटी' पर सियासत

आकाश द्विवेदी/भोपालः नगरीय निकाय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का दौर चल रहा है. इस बीच स्मार्ट सिटी को लेकर सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस ने बीजेपी पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत कोई विकास नहीं कराने का आरोप जड़ दिया है. वहीं कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस खुद भ्रष्टाचार में डूबी हुई है.

कांग्रेस का आरोप- सिर्फ कागजों पर हुआ काम
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लगभग सभी नगरीय निकाय स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किए गए हैं लेकिन विकास कहीं नहीं हुआ है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर 500-1000 करोड़ रुपए का बजट दिया गया लेकिन किसी भी निकाय में काम नहीं हुआ. उज्जैन में स्मार्ट सिटी के नाम पर 2318 करोड़ रुपए दिए गए. जिसके बाद 79 प्रोजेक्ट पर काम होना दिखाया गया लेकिन अधिकतर प्रोजेक्ट केवल कागजों में ही हैं. 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ऐसा ही हाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सागर में भी है. कांग्रेस ने बीजेपी से राज्य के नगरीय क्षेत्रों की दुर्दशा का हिसाब मांगा और कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी.   

बीजेपी ने किया तगड़ा पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रमाण के साथ आरोप लगाए. कांग्रेस आरोप पत्र दे तो जांच कराएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. आज तक शिवराज सरकार में कोई प्रमाणिक भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है. कांग्रेस की सरकार में रोज भ्रष्टाचार आते थे. 15 महीने की सरकार में जनता ने फिर कांग्रेस को देख लिया. भ्रष्टाचार में लिप्त कांग्रेस इस तरह की बातें करती रहती है.   

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