सचिन, कुंबले हरभजन सब रहे थे फ्लॉप, जानिए 1998 कॉमनवेल्थ गेम्स में कैसा था टीम इंडिया का प्रदर्शन

1998 में16वें कॉमनवेल्थ खेल कुआलालंपुर मलेशिया में खेले गए. ये पहली बार था जब किसी एशियाई देश में इन खेलों का आयोजन किया गया. ये पहली ही था जब क्रिकेट इन खेलों का हिस्सा बना. 

Written by - Adarsh Dixit | Last Updated : Jul 10, 2022, 08:20 PM IST
  • टीम इंडिया ने किया था बेहद निराशाजनक प्रदर्शन
  • दक्षिण अफ्रीका ने किया था गोल्ड मेडल पर कब्जा
सचिन, कुंबले हरभजन सब रहे थे फ्लॉप, जानिए 1998 कॉमनवेल्थ गेम्स में कैसा था टीम इंडिया का प्रदर्शन

नई दिल्ली: इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में इस बार 22वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है. इस बार इन खेलों में क्रिकेट को भी जगह मिली है. बहुत कम लोग ही जानते हैं कि इससे पहले क्रिकेट राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा रह चुका है. 

तब टीम इंडिया ने अजय जडेजा की कप्तानी में इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इस बार केवल महिला क्रिकेट को ही कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह मिली है जबकि 1998 में मलेशिया में आयोजित हुए गेम्स में पुरुष क्रिकेट को भी जगह मिली थी. 

1998 में कुआलालंपुर में हुए थे कॉमनवेल्थ गेम्स

1998 में16वें कॉमनवेल्थ खेल कुआलालंपुर मलेशिया में खेले गए. ये पहली बार था जब किसी एशियाई देश में इन खेलों का आयोजन किया गया. ये पहली ही था जब क्रिकेट इन खेलों का हिस्सा बना. 50 ओवर फॉर्मेट को खेलों में शामिल किया गया और विश्व क्रिकेट की बड़ी टीमों ने इसमें हिस्सा लिया. भारत ने भी अपनी टीम इस टूर्नामेंट में भेजी. 

एक साथ दो टीमें क्रिकेट खेल रही थीं

उस वक्त भारतीय क्रिकेट टीम को कनाडा जाना था. ये दौरा पहले से ही तय था जहां सहारा कप में भारत तो पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी थी. 9 सितंबर को कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट का आगाज होना था और 12 सितंबर को कनाडा में भारत और पाकिस्तान के बीच पहला मैच था.

टीम इंडिया ने किया था बेहद निराशाजनक प्रदर्शन

भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेल 1998 बहुत बुरे साबित हुए. भारत को 3 मैच में केवल 1 में ही जीत मिली. अजय जडेजा की कप्तानी में सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले जैसे सीनियर तो वहीं हरभजन सिंह और वीवीएस लक्ष्मण जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को मलेशिया भेजा गया था. निखिल चोपड़ा, गगन खोड़ा, एमएसके प्रसाद, रोहन गावस्कर और अमय खुरसिया जैसे क्रिकेटर में भी टीम में थे. 

सचिन तेंदुलकर ने तीन मैचों में सिर्फ 28 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी मुकाबले में भारत को 146 रनों से पीटा और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. 

दक्षिण अफ्रीका ने किया था गोल्ड मेडल पर कब्जा

कॉमनवेल्थ गेम्स 1998 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका की टीमें पहुंची थी. पहले सेमीफाइनल में द. अफ्रीका और श्रीलंका के बीच मुकाबला हुआ जिसमें अफ्रीकी टीम ने बाजी मारी और दूसरे सेमीफाइनल में पड़ोसी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड आमने-सामने आए जहां कंगारुओं को जीत मिली. 

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ब्रॉन्ज मेडल मैच में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराया तो वहीं गोल्ड मेडल मैच में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी. कंगारू टीम को रजत पदक मिला. 

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