मकर संक्रांति पर खिचड़ी का 2500 साल पुराना इतिहास, जानें 8 तरह की खिचड़ी खाने के फायदे
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मकर संक्रांति पर खिचड़ी का 2500 साल पुराना इतिहास, जानें 8 तरह की खिचड़ी खाने के फायदे

Makar Sankranti 2023: भारत ही नहीं विदेश में भी लोकप्रिय हो चुकी है खिचड़ी. मुगलकाल में शाही लिस्‍ट में भी चुकी है जगह.  

मकर संक्रांति पर खिचड़ी का 2500 साल पुराना इतिहास, जानें 8 तरह की खिचड़ी खाने के फायदे

Makar Sankranti 2023: खिचड़ी का सेवन हम सभी लोग कभी न कभी जरूर किए होंगे. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाना शुभ माना जाता है. हममें से बहुत कम ही लोगों को पता होगा कि दुनियाभर में हेल्‍दी डाइट के लिए पसंदीदा खिचड़ी का इतिहास 2500 साल से ज्यादा पुराना है. तो आइये जानते हैं भारत में खिचड़ी का इतिहास और इसके फायदे.  

नेशनल फूड बनाए जाने की मांग 

खिचड़ी एक लोकप्रिय भारतीय व्यंजन है. इसे दाल तथा चावल को एक साथ उबाल कर बनाया जाता है. इसमें सब्जियां, घी या मसाले भी स्वाद और जरूरत के मुताबिक मिलाए जा सकते हैं. लंबे समय से खिचड़ी को नेशनल फूड बनाए जाने की मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका चलन मुगल काल से चला आ रहा है. इस दौरान यह इतना मशहूर हुआ कि इसे शाही खाने की लिस्ट में भी शामिल कर दिया गया था. 

भारत में खिचड़ी का इतिहास
भारत के सबसे पुराने महाकाव्य 'महाभारत' में भी खिचड़ी का इतिहास पढ़ने को मिलता है. इसमें कहा गया कि जब पावंड वनवास पर थे तब द्रौपदी ने पांडवों के लिए खिचड़ी पकाई थी. इसके आलवा सुदामा और कृष्ण की कहानी में भी खिचड़ी के बारे में बताया गया है. हिंदू संस्कृति में खिचड़ी को खास महत्व दिया गया है. मकर संक्रांति के दिन इसे पकाना बेहद शुभ होता है.

खिचड़ी के ये हैं फायदे 
खिचड़ी में दाल और चावल दोनों मिलाकर बनाया जाता है. चावल से कार्बोहाइड्रेट्स मिलते हैं और दाल से प्रोटीन मिलता है. इसमें सब्जियां मिलाए जाने से विटामिन और मिनरल्स भी मिल जाते हैं. ऐसे में यह एक संपूर्ण आहार बन जाती है. इसमें जीरे का तड़का और घी मिलाने से इसके हेल्थ बेनिफिट और भी बढ़ जाते हैं. 

संस्कृत से आया है खिचड़ी शब्द 
कहा जाता है कि खिचड़ी शब्द संस्कृति भाषा के शब्द 'खिच्चा' से आया है. मुगलकाल में भी खिचड़ी काफी लोकप्रिय व्‍यंजन हुआ करती थी. 16 वीं सदी में मुगल बादशाह अकबर के वजीर अबुल फजल के द्वारा लिखे गए दस्तावेजों में भी अलग-अलग तरह से खिचड़ी पकाने की विधि का उल्लेख मिलता है.

विदेश में भी है लोकप्रिय 
भारत के अलावा मध्य पूर्वी देशों में भी खिचड़ी काफी लोकप्रिय है. यहां पर अलग तरीकों से खिचड़ी बनाई जाती है और इसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. इन देशों में खिचड़ी में मीट भी मिलाया जाता है.

कौन हैं खिचड़ी के चार यार 
कहते हैं खिचड़ी के चार यार दही, पापड़, घी, अचार हैं. यानी खिचड़ी खाते समय दही, पापड़, घी और अचार साथ में होना जरूरी है. इन चारों के साथ ही खिचड़ी ज्यादा स्वादिष्ट लगती है.  

क्या हैं खिचड़ी खाने के फायदे? (Health Benefits of Khichdi) 
- खिचड़ी न्यूट्रिशन्स से भरपूर होती है 
- खिचड़ी वजन कम करने में सहायक 
- मधुमेह से बचाव में मददगार 
- पित्त और कफ से बचाव में कारगर 
- हेल्दी और ग्लोइंग स्किन मिलती है 

खिचड़ी के प्रकार 
- मूंग दाल की खिचड़ी
- अरहर दाल की खिचड़ी
- होल ग्रेन साबुत अनाज की खिचड़ी
- आयुर्वेदिक खिचड़ी
- मसालेदार खिचड़ी
- ड्रायफ्रूट खिचड़ी
- बाजरे की खिचड़ी 
- दही वाली खिचड़ी

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