राजस्थान के मजदूरों के लिए अच्छी खबर, कमाई बढ़ाने के लिए अशोक गहलोत सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला
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राजस्थान के मजदूरों के लिए अच्छी खबर, कमाई बढ़ाने के लिए अशोक गहलोत सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

MGNREGA wages in Rajasthan: 1 अप्रैल से राजस्थान के मजदूरों को  मनरेगा (MGNREGA)  में मिलने वाली मजदूरी की दरों में इजाफा किया है. मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरी दरों में बदलाव को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है. 

MGNrega Wages

Mgnrega wages in Rajasthan: 1 अप्रैल से राजस्थान के मजदूरों के लिए अच्छी खबर मिलने वाली है. राजस्थान में दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूरों को  मिलने वाले रुपयों में इजाफा किया है. गहलोत सरकार ने केंद्र के निर्देशनुसार मनरेगा (MGNREGA)  में मिलने वाली मजदूरी की दरों में इजाफा किया है. 

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत मजदूरी दरों में बदलाव को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है. जिसके अनुसार मनरेगा में आने वाले राज्यों में मजदूरी की दरों को बढ़ाया गया है, जिससे राज्यों के किसानों का जीवनस्तर पहले से बेहतर बन सके.

कितनी बढ़ी मजदूरी
यह नोटिफिकेशन मनरेगा (MGNREGA) एक्ट 2005 की धारा 6 (1) के तहत जारी की गई. इसके तहत मजदूरों के वेतन में 7 रुपये से लेकर 26 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है.नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी. इस इजाफे के रजस्थान में सबसे अधिक दैनिक वेतन 255 रुपये प्रति दिन और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सबसे कम 221 रुपये प्रति दिन हो जाएगी.

पहले कितना था

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि केंद्र नोटिफिकेशन के जरिए  मनरेगा (MGNREGA) में अपने लाभार्थी मजदूरों की मजदूरी दर तय कर सकता है. पिछले वर्ष की दरों की तुलना में राजस्थान में मजदूरी में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि की गई है. राजस्थान के लिए संशोधित वेतन 255 रुपये प्रति दिन तय किया गया है, जो 2022-23 में 231 रुपये था.

ये है मनरेगा (MGNREGA) का उद्देश्य
केंद्र सरकार  राज्य सरकार से मिलकर मनरेगा(MGNREGA)  की  मजदूरी दर बढ़ाने का फैसला केवल उन्हें बेहतर जीवन देने का है. जिसस  ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार की गारंटी मिल सके. केंद्र ने इस योजना की शुरुआत साल 2006 में की थी. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल मजदूरों को एक वित्त वर्ष में कम से कम 100 दिनों के काम की गारंटी देना है, ताकि इससे होने वाली कमाई से गरीब ग्रामीण परिवारों के जीवन-यापन के स्तर को सुधारा जा सके. ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस योजना को कई अंतरराष्ट्रीय योजनाओं से सराहना मिल चुकी है.

 6 से 8 घंटे होता है काम
मनरेगा (MGNREGA) में 6 से 8 घंटे काम करना पड़ता है. लेकिन ये समय काम करने के ऊपर निर्भर है. जैसे तालाब गहरीकरण के कार्य में आपको मिले काम को जितनी जल्दी आप कर लेंगे, ये आपके ऊपर है। यानि काम पूरा करने का समय कम या ज्यादा भी हो सकता है, लेकिन मजदूरी आपको दिन के हिसाब से मिलेगी. 

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