बून्दी में ग्रैंड वेलकम, रामगढ़ के राजा के लिए रणथम्भौर से आई रानी, टी 102 के आगमन के बाद बढ़ेगा कुनबा
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बून्दी में ग्रैंड वेलकम, रामगढ़ के राजा के लिए रणथम्भौर से आई रानी, टी 102 के आगमन के बाद बढ़ेगा कुनबा

राज्यमंत्री श्री अशोक चांदना ने टाईगर रिजर्व रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य में बाघिन के शिफ्ट होने पर खुशी जताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का बूंदी जिलेवासियों की ओर से आभार जताया है. उन्होंने कहा कि रामगढ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य में बाघिन के शिफ्ट होने से बूंदी जिले के टूरिज्म विकास को बढ़ावा मिलेगा.

बाघिन के आगमन से खुशी की लहर.

Bundi: बून्दी जिले में प्रदेश के चौथे टाईगर रिजर्व रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य में रणथम्भौर टाईगर रिजर्व की पेरीफेरी/परिधि क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन के शनिवार को शिफ्ट होने पर जिलेभर में खुशी का माहौल है. इनको रामगढ़ अभ्यारण में जैसे ही पिंजरे से बाहर निकाला तो वह अपनी नई जगह को तलाशते हुई अठखेलियां करती हुई आगे बढ़ गई. इस पर वहां मौजूद प्रोटोकॉल में सभी अधिकारियों ने उसका स्वागत किया. बाघिन के आगमन के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन रोजगार के अवसर खुलेंगे इससे क्षेत्रवासियों में काफी खुशी की लहर है.

उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (प्रथम) रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाई माधोपुर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि 16 जुलाई को रणथम्भौर टाईगर रिजर्व की पेरीफेरी/परिधि क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन को टाईगर रिजर्व की सीमा के बाहर राजस्व क्षेत्र में विचरण करने पर ट्रंकुलाईज कर पकड़ा गया.

दो वर्ष से एक नर बाघ टी-115 विचरण कर अपनी टेरीटरी बना चुका 
वरिष्ठ पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परिक्षण उपरान्त बाघिन को रेडियो कॉलर लगाया जाकर तर्दथ रूप से रामगढ विषधारी टाईगर रिजर्व के सॉफ्ट एनक्लोजर में छोड़ा गया. जिसकी मॉनिटरिंग वरिष्ठ पशु चिकित्सको एवं वन अधिकरियों द्वारा की जा रही है. रामगढ विषधारी में लगभग दो वर्ष से एक नर बाघ टी-115 विचरण कर अपनी टेरीटरी बना चुका है. बाघिन के यहां लाए जाने के प्रयासों में जहां वन्य अधिकारियों की बड़ी परियोजना थी.

वहीं रामगढ़ सेंचुरी घोषित करवाए जाने में यहां के वन्य जीव प्रेमी विट्ठल कुमार सनाढ्य और पृथ्वी सिंह राजावत की अहम भूमिका रही है. इनके अथक प्रयास से क्षेत्र में रामगढ़ सेंचुरी को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया और उसके 2 महीने बाद ही पहली बार बाघिन को छोड़ा गया है. इससे आने वाले समय में यहां टाइगर सफारी शुरू हो सकेगी और बूंदी जिले को रोजगार मिलेगा.

पर्यटन क्षेत्र में स्थापितह होंगे नए आयाम
रामगढ़ विषधारी टाईगर रिजर्व के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि रणथम्भौर के बाहरी क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन टी-102 (आयु लगभग 7 वर्ष) को रामगढ़ विषधारी टाईगर रिजर्व बूंदी के सॉफ्ट एनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया गया है. बाघिन स्वस्थ एवं सामान्य रूप से विचरण कर रही है, बाघिन का रामगढ़ विषधारी टाईगर रिजर्व में आने से बूंदी में पर्यटन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे. बाघिन को शिफ्ट करने के दौरान टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक एस आर यादव ,बून्दी  डीएफओ टीमोहन राज रणथंबोर डीएफओ संग्राम सिंह क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मराज गुर्जर जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी पुलिस अधीक्षक जय यादव मौजूद रहे.

ओम बिरला और राज्यमंत्री अशोक चांदना ने खुशी जताई
प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व घोषित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यमंत्री अशोक चांदना हर चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़े इनके अथक प्रयासों से क्षेत्र में चौथे टाइगर रिजर्व की घोषणा हुई और उसके 2 महीने बाद ही बाघिन को यहां शिफ्ट कर दिया गया लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कल बाघिन को छोड़ने पर खुशी जताई और सभी प्रदेशवासियों को बूंदी जिले वासियों को बधाई संदेश दिया.

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 राज्यमंत्री श्री अशोक चांदना ने टाईगर रिजर्व रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य में बाघिन के शिफ्ट होने पर खुशी जताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का बूंदी जिलेवासियों की ओर से आभार जताया है. उन्होंने कहा कि रामगढ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य में बाघिन के शिफ्ट होने से बूंदी जिले के टूरिज्म विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.  

Reporter-Sandeep Vyas

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