ग्रामीणों ने लंपी से ग्रस्त गोवंश के इलाज की मांग, लूनकरणसर SDM ऑफिस के आगे किया हवन
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ग्रामीणों ने लंपी से ग्रस्त गोवंश के इलाज की मांग, लूनकरणसर SDM ऑफिस के आगे किया हवन

लंपी स्किन डिजीज से बीमार गोवंश के इलाज की मांग  के साथ अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने अर्जनसर से बीकानेर के लिए पदयात्रा शुरू की. जो शनिवार को लूनकरणसर पहुंची.  साथ ही उपखण्ड कार्यालय के पास गोवंश की सलामती और सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया गया.

ग्रामीणों ने लंपी से ग्रस्त गोवंश के इलाज की मांग, लूनकरणसर SDM ऑफिस के आगे किया हवन

Lunkaransar News: लंपी स्किन डिजीज से बीमार गोवंश के इलाज की मांग  के साथ अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने अर्जनसर से बीकानेर के लिए पदयात्रा शुरू की. जो शनिवार को लूनकरणसर पहुंची.  साथ ही उपखण्ड कार्यालय के पास गोवंश की सलामती और सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया गया.

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आरएलपी के विजयपाल बेनीवाल के नेतृत्व में शुरू हुई पदयात्रा बीकानेर पहुंचेगी. जहां वह कलेक्टर के खिलाफ सरकार को ज्ञापन सौंपेगी. पदयात्रा में सम्मलित लोगों की मांग है कि लंपी को महामारी घोषित करे. प्रत्येक पंचायत पर एक पशु चिकित्सक और दो पशु सहायक लगाए जाएं. प्रत्येक गौशाला का अनुदान बढ़ाकर 250 रुपये प्रति गौवंश किया जाये. लंपी स्किन से जिन पशुपालकों के पशु मरे है उनको प्रति पशु 50 हजार रुपये मुहावजा दिया जाए.

पदयात्रियों का नेतृत्व कर रहे विजयपाल बेनीवाल ने बताया कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां गाय के नाम पर चुनाव लड़ी ओर सत्ता में आई लेकिन जब गाय पर संकट आया तो दोनों पार्टियों ने मुंह फेर लिया और गायों को मरने के लिए छोड़ दिया. यहां तक की किसी भी पार्टी ने लंपी से बचाव की बात तक नहीं की.

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उन्होंने बताया कि यह गाय बचाओ पदयात्रा राजमार्ग 62 पर से बीकानेर कलेक्ट्रेट पहुंचेगी ओर कलेक्टर के खिलाफ सरकार को ज्ञापन सौंपेगी. वहीं राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए बताया कि राजस्थान सरकार अगर समय पर लंपी स्किन को सीरियसली लेती तो आज लाखों गौवंश काल का ग्रास बनने से बच जाता और गोपालकों के सामने आर्थिक संकट नहीं आता लेकिन राज्य सरकार ने इसको सिरियस नहीं लिया. राज्य में बीजेपी के सांसद भी बैठे है जिन्होंने एक शब्द गौवंश को बचाने के लिए अपनी जबान से नहीं निकाला जबकि बीजेपी गाय के नाम पर राजनीति करती रही है. गौहितार्थ पदयात्रा का लोगों ने जगह जगह स्वागत किया और गौमाता को बचाने के लिए की गई पहल की सराहना की.

REPORTER - TRIBHUWAN RANGA

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