नर्सिंग कॉलेजों के नियमों में बदलाव, जीतू पटवारी के तंज पर भाजपा का पलटवार
Advertisement

नर्सिंग कॉलेजों के नियमों में बदलाव, जीतू पटवारी के तंज पर भाजपा का पलटवार

MP NEWS: मध्य प्रदेश सरकार की ओर से नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने वाले नियमों में बदलाव के बाद सियासत शुरू हो गई है. नए नियमों को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं भाजपा ने इसे सियासत करार दिया. 

नर्सिंग कॉलेजों के नियमों में बदलाव, जीतू पटवारी के तंज पर भाजपा का पलटवार

Madhya Pradesh News: राज्य सरकार की ओर से नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के नियमों में किए गए बदलाव पर कांग्रेस के तंज का भाजपा ने जवाब दिया. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस फर्जीवाड़ा करने के लिए नियम बदलती थी. पटवारी के बयान से साफ है जैसी कांग्रेसियों की नजर वैसे नजारे दिख रहे. अग्रवाल ने कहा कि जब-जब कांग्रेस की सरकार रही इन्होंने फर्जीवाड़े के लिए नियम बदले. जीतू पटवारी के बयान से साफ है कि जो फर्जीवाड़े होंगे उसके डर से कांग्रेस बिलबिला रही है. बीजेपी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है.

इससे पहले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा- राम यात्रा के जरिये महंगाई, बेरोजगारी की याद दिलाएंगे. भगवान राम के दर्शन करते हुए ये किसानों से किये गए वादों को याद दिलाएंगे. सरकार के वचनों को पूरा करवाने के लिए राम यात्रा निकाली जाएगी. राम का मंदिर बना स्वागत, सत्कार और खुशी है लेकिन राम भक्त परेशान हैं. नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के लिए नए नियमों पर पटवारी ने कहा कि नर्सिंग कॉलेज में लूट, करप्शन की खुली छूट है. नर्सिंग छात्र छात्राओं के जीवन बर्बाद करने का दोषी कौन? सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है. अराजकता की पराकाष्ठा है. इसकी सजा मिलेगी.

क्या है नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने वाला नया नियम
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई CBI की जांच में में 50% नर्सिंग कॉलेज अनफिट पाए गए. आनन-फानन में नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने के नियमों में बदलाव किया गया.  लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अनफिट कॉलेज पर कार्रवाई की बजाय नियमों में ही बदलाव किया. नए नियमों के अनुसार, अब नर्सिंग कॉलेज को खोलने के लिए 8000 वर्ग फीट जमीन पर बिल्डिंग की आवश्यकता होगी. पहले 23000 वर्ग फीट जमीन पर बिल्डिंग की आवश्यकता होती थी. नए नियमों में किराए के भवनों में भी कॉलेज खोले जा सकेंगे. 

अब शुरू हुआ नए नियमों का विरोध
अब नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने के नए नियमों पर विवाद शुरू हो गया है. नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में याचिकार्ता नए नियमों को कोर्ट में चुनौती देंगे. सरकार के नए नियमों से अपात्र पाए गए कॉलेज अगले ही सत्र में पात्र की श्रेणी में खड़े हो जाएंगे. आरोप है कि नए नियम नर्सिंग पाठ्यक्रमों को रेगुलेट करने वाली अपेक्स संस्था इंडियन नर्सिंग काउंसिल के प्रावधानों के विपरीत बनाए गए हैं. जो कॉलेज गड़बड़ पाए गए थे और बंद किए जा रहे हैं. वे सरकार के नए नियमों के बाद अगले सत्र में नए सिरे से फिर मान्यता पाने में अब सफल हो जाएंगे. इसको लेकर NSUI की नर्सिंग विंग ने चेतवानी दी है. उन्होंने कहा कि नए नियमों को नहीं बदला गया तो कोर्ट का सहारा लेंगे और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे.

Trending news