Tonk News: दूनी तहसील में विकास को तरसे ग्रामीण, शमशान का रास्ता खराब; ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाना पड़ा शव
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Tonk News: दूनी तहसील में विकास को तरसे ग्रामीण, शमशान का रास्ता खराब; ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाना पड़ा शव

Tonk news: टोंक जिले में दूनी तहसील के केदारा गांव में शमशान के रास्ते में कीचड़ भरा होने के कारण बुधवार को  बुधवार को एक वृद्ध का निधन होने के बाद उसके शव को ट्रेक्टर - ट्रॉली में ले जाया गया.

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Tonk news: टोंक जिल के दूनी  में विकास अभी भी कोसो दूर है. सरकार  भले ही जिले में विकास का दम भरती है, लेकिन तहसील क्षेत्र की चारनेट पंचायत के केदार गांव में स्थिति इसके विपरीत है. इसकी बानगी बुधवार को एक वृद्ध का निधन होने के बाद  दिखी. 

ट्रेक्टर - ट्रॉली में ले जाया गया शव 

वृद्ध के शव को रास्ते में कीचड़ भरा होने के कारण ट्रेक्टर- ट्रॉली में रखकर शमशान तक ले जाया गया. उसे परंपरा के अनुसार लोगों के चार कंधे भी नसीब नहीं हुए. उसके शव को लोग ट्रेक्टर - ट्रॉली में लाद कर शमशान घाट ले गए, जहां उसका दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया.

श्मशान स्थल तक जाने वाला रास्ता कच्चा

ममला केदारा गांव का है. यह गांव कई सुविधाओं से आज भी वंचित है. आलम यह है कि श्मशान स्थल तक जाने वाला रास्ता कच्चा है जो  बारिश के मौसम में कीचड़ से भर जाता है. दो दिन तक रुक- रुक कर हुई मावठ से  बुधवार को भी यह रास्ता खराब हो गया. इस पर काफी कीचड़ फैल गया. जिसके कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

 कीचड़ से भरा रास्ता

वहीं, बुधवार को केदारा के रहने वाले मंगलराम बैरवा की अचानक मृत्यु हो गई. जिसके बाद इनके शव को शमशान तक पहुंचना एक चुनौती बन गया. कीचड़ से भरा रास्ता होने के कारण शव को ग्रामीणों ने ट्रैक्टर- ट्राली में रखकर शमशान स्थल तक पहुंचाया. जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया.

ग्रामीणों का कहना

इस मौके पर मौजीद  ग्रामीण दुर्गा लाल मीणा, अविनाश मीणा, वार्ड पंच नरेश बैरवा का कहना है कि ग्राम पंचायत एवं प्रशासन को कई बार श्मशान के रास्ते की हालत के बारे में अवगत कराया गया है, लेकिन इसकी कोई सुनाई नहीं होने के कारण आज भी गांव में शमशान का रास्ता  ठीक ढंग से नहीं बन पाया है.

इसके अलावा गांव की अनेक समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने पिछले दिनों मतदान नहीं करने का विचार भी बनाया था, लेकिन कार्यकर्ताओं एवं सरपंच के समझाने पर ग्रामीण मतदान करने को राजी भी हुए. जिसके बाद अब यह देखना है कि आने वाला विधायक क्या इस गांव के विकास को गंभीर तरीके से लेगा या नहीं. 

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