टोंक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य ने अधिकारियों को लगाई फटकार
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टोंक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य ने अधिकारियों को लगाई फटकार

टोंक जिले में पीपलूकस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खण्डपीठ के द्वारा बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित प्रकरणों के निराकरण को लेकर जिला प्रशासन के सहयोग से शिविर का आयोजन हुआ.

टोंक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य ने अधिकारियों को लगाई फटकार

Tonk News : टोंक जिले में पीपलूकस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खण्डपीठ के द्वारा बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित प्रकरणों के निराकरण को लेकर जिला प्रशासन के सहयोग से शिविर का आयोजन हुआ. शिविर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने पहुंचकर प्रकरणों की सुनवाई की. हालांकि शिविर का प्रचार प्रसार नहीं होने, सरकार अमले की आधी-अधूरी तैयारियों, लोकल स्तर पर हल होने वाले प्रकरणों की शिकायतें ही प्राप्त होने से नाराज नजर आई.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने प्रकरणों में आई समस्याओं को देखकर उपखंड अधिकारी वर्षा शर्मा, तहसीलदार नेहा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता आप सब कुछ खास कर रहे हैं. आयोग की सदस्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि पीपलू ब्लॉक में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस उप अधीक्षक, सरपंच, प्रधान के पद को महिलाएं सुशोभित करने के बावजूद शिविर में छात्राओं के लिए विद्यालय में शौचालय नहीं होने, कहीं पर गंदे होने, समय पर सफाई नहीं होने, सेनेटरी नेपकिन के वितरण नहीं होने, डिस्पोजल किए जाने की मशीन नहीं होने आदि की समस्याएं सामने आना गंभीर बात है. प्रकरणों को दखेकर मुझे वैसा नहीं लगा जिससे यहां की छात्राएं, बच्चें कंफर्टेबल फील करें.

गिरदावर ने कहा यह मेरा काम नहीं

शिविर में पासरोटिया मरदसे के चार बच्चों के जाति, मूल प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर प्रकरण आया. आयोग सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने तहसीलदार पीपलू नेहा चौधरी को कहा तो तहसीलदार ने गिरदावर छीतरलाल चौधरी को आयोग सदस्य के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा. आयोग सदस्य ने गिरदावर को मदरसें का विजिट कर प्रकरण निस्तारण के निर्देश दिए तो गिरदावर ने कहा यह मेरा काम नहीं है. इस पर आयोग सदस्य बिफर पड़ी तथा गिरदावर के आगे हाथ जोड़ कर कहा आप जाइए. इस पर उपखंड अधिकारी वर्षा शर्मा आयोग सदस्य के समक्ष गिडग़ड़ाते हुए कहती नजर आई कि मैं खुद देख लूंगी. हालांकि आयोग सदस्य ने गिरदावर छीतरलाल चौधरी का नाम नोट करते हुए कार्रवाई करने की बात कही हैं. इससे पहले आयोग सदस्य के पहुंचने तक भी तहसीलदार के वहां नहीं होने पर भी आयोग सदस्य ने एसडीएम को फटकार लगाकर कहा मुझे अधिकारी यहां चाहिए. हाथों हाथ काम करवाना है.

आयोग सदस्य बोली शिविर का उद्देश्य नहीं हुआ हल

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने कहा प्रधानमंत्री के दिशा निर्देश के तहत नीति आयोग के तहत अब जिला मुख्यालय की बजाए ब्लॉक तक जाकर बाल संरक्षण से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण किए जाने का उद्देश्य था. पीपलू में आकर निराशा हुई हैं क्योंकि 15 दिन पहले सूचना होने के बावजूद तैयारियों, प्रचार प्रसार की कमी दिखी.पूरे ब्लॉक से मात्र 50 शिकायतें मिली जिनमें भी जन्म, मूल, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संशोधन, पालनहार, विकलांगों के पास व्हील चेयर नहीं होना, सेनेटरी नेपकिन नहीं मिलने, विकलांग प्रमाण पत्र, स्कूलों के रास्तों पर गंदगी, शौचालयों में गंदगी, पानी की कमी, राशन कार्ड में नाम जुड़वाए जाने, आंगनबाड़ी केन्द्र पर बिजली ट्रांसफार्मर होने से हादसे की आशंका संबंधित शिकायतें मिली. यह सभी शिकायतें लोकर स्तर पर प्रतिदिन हल होने जैसी है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से आवाम को कार्यालयों, अधिकारियों, कर्मचारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. पीपलू आकर ऐसा लगा जैसे यहां कभी इस तरह की बैंच या जनसुनवाई ही नहीं हुई हो. शिविर का उद्देश्य बाल मजदूरी, बाल शोषण, बाल तस्करी, बाल विवाह, भिक्षावृत्ति आदि समस्याओं के प्राप्त होने पर उनका निराकरण करना था.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से की बात, दिव्यांग को दी ट्राइसाइकिल

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सराहन कर हौंसला बढ़ाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन कार्य नहीं किए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपकर उनकी समस्या प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अपील की. आयोग सदस्य ने स्काउट बच्चों, विद्यालयों के बच्चों से भी बातचीत की. इस दौरान शिविर में एक दिव्यांग को ट्राइ साइकिल दी गई. इस मौके सरपंच कविता सैनी, प्रधान रतनी सत्यनारायण चंदेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे.

दिल्ली जाकर लिया जाएगा संज्ञान, होगी कार्रवाई

शिविर को लेकर अधिकारियों, कर्मचारियों, सरकारी अमले द्वारा बरती गई लापरवाही को लेकर दिल्ली में जाकर संज्ञान लिया जाएगा. साथ ही पत्र लिखकर अधिकारियों, कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा. प्रशासनिक अमले में सोच, दिशा, क्रियान्वन किए जाने की कमी नजर आई.

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