जालोर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ महारुद्र यज्ञ
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जालोर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ महारुद्र यज्ञ

Jalore News: राजस्थान के जालोर के महारूद्र यज्ञ और पीर शांतिनाथ महाराज के तृतीय भंडारा को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा और भैरूनाथ अखाड़े से लेकर सिरे मंदिर तलहटी तक भक्तों का रेला नजर आया.

जालोर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ महारुद्र यज्ञ

Jalore News: राजस्थान के जालोर के जलंधरनाथ महाराज की तपोभूमि पर स्थित सिरे मंदिर धाम पर आयोजित महारूद्र यज्ञ और पीर शांतिनाथ महाराज के तृतीय भंडारा को लेकर निकाली गई भव्य शोभायात्रा ऐतिहासिक नजर आई. शोभायात्रा में उड़ते गुलाल, ढोल की गर्जना और भक्ति भजनों की स्वर लहरियों के बीच पीर शांतिनाथ महाराज के जयकारों से जालोर नगरी पूरी धर्ममय नजर आई. शोभायात्रा में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा. भैरूनाथ अखाड़े से लेकर सिरे मंदिर तलहटी तक भक्तों का रेला नजर आया.

आयोजन समिति के पारसमल परमार और मीठालाल दर्जी ने बताया कि जालोर शहर के कलशाचल की शिखर पर स्थित सिरे मंदिर धाम पर 44 साल बाद आयोजित महारूद्र यज्ञ और पीरजी के भंडारे को लेकर निकाली गई. शोभायात्रा का साक्षी बनने के लिए भक्तों में होड़-सी लगी रही. शोभायात्रा को लेकर अलसुबह से भैरूनाथ अखाड़े में भक्तों की भीड़ नजर आने लगी. जालोर के भैरूनाथ अखाड़े के पीर गंगानाथ महाराज ने भगवान शिव और गणेशजी की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा को रवाना किया. 

शोभायात्रा के सबसे आगे बैंड-बाजो की भक्तिमय संगीत के साथ घोड़े पर धर्म पताका लहरा रहा था. वहीं ऊंट पर सवार नगाडा नौपत से शोभायात्रा का जयघोष करता नजर आया और उनके पीछे ऊंट और घोडा नृत्य के साथ साधु महात्मा घोड़े पर बैठे शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे. शोभायात्रा में बाडमेर के गैरियो ने गैर नृत्य कला की छटा बिखेर कर लोगों को भी नाचने पर मजबूर कर दिया. 

वहीं जालोर की प्रसिद्व लूर नृत्य में महिलाओं ने ढोल की थाप के साथ लूर लेकर माहौल को भारतीय संस्कृति के रंग में डूबो दिया. वहीं सिर पर कलश धारण किए बालिकाएं शोभायात्रा में मंगल गीत गाने के साथ नाथजी के जयकारे लगाती नजर आई. शोभायात्रा में बाहुबली हनुमान के भी भक्तों दर्शन करते नजर आए.

शिव झांकी रही मुख्य आकर्षण का केन्द्र
शोभायात्रा में हरियाणा सिरसा के रामू मारवाडी की शिव झांकी ने हर किसी का मनमोह लिया. विशाल नंदी पर विराजे भगवान शिव के समक्ष अघोरी बाबा का तांडव हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था, डीसा के शिव लाइव डीजे की भक्तिमय स्वर लहरियों के बीच बाबाओं ने भभूति उड़ाकर पूरे माहौल को धर्ममय बना दिया.

शोभायात्रा में इस बार खासकर भक्तों को नाथ सम्प्रदाय से रूबरू करवाने के लिए नाथजी की झांकी बनाई गई. एक बडे ट्रोले पर सिरे मंदिर धाम के पीठाधीश्वर रहे मंहत सुआनाथ महाराज से लेकर महंत शांतिनाथ महाराज की झांकी में नाथ सम्प्रदाय के सभी गुरूओं के दर्शन करने का मौका भक्तों को मिला. वहीं विठल झांकी में भगवान कृष्ण और राधा की झांकी ने सभी को अपनी ओर आकृषित किया.

महाराष्ट्र के रूद्र गर्जना ढोल से गुजी स्वर्णगिरी
महाराष्ट्र पुणे के रूद्र गर्जना ढोल ने शोभायात्रा को नई ऊंचाई प्रदान की और रूद्र गर्जना ढोल में करीब सत्तर स्त्री और पुरूष के ग्रुप ने ढोल ताशे की गुंजी से स्वर्णगिरी भी गुंज उठी. रूद्र गर्जना ढोल की आवाज से अम्बर और धरती भी शोभायात्रा के साक्षी बनते नजर आए.

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वहीं इसके पीछे रथ पर विराजे पीर गंगानाथ महाराज, लेटा मठ के महंत रणछोडभारती महाराज, कादरी मठ के राजा निर्मलनाथ महाराज सहित अन्य साधु संत रथ में विराजे भक्तों को अशाीर्वाद देते नजर आए. शोभायात्रा भैरूनाथ अखाड़े से रवाना होकर पंचायत समिति से शीतला माता मंदिर से होते हुए सिरे मंदिर तलहटी पहुंची. शोभायात्रा की व्यवस्था अलग-अलग टीमों द्वारा संभाली गई. 44 साल बाद महारूद्र यज्ञ होने से हर कोई अपनी उपस्थिति दर्ज करने को लेकर आतुर नजर आया. शोभायात्रा में नाथजी के भक्तों का रेला उमड़ पड़ा और शोभायात्रा को देखने के लिए पूरे मार्ग पर लोगों की भीड़ नजर आई.

मुस्लिम समाज ने भी किया शोभायात्रा का स्वागत
नया बस स्टैंड़ के पास मुस्लिम समाज के लोगों, जुल्फी अली कार भुट्टो के नेतृत्व में शोभायात्रा का स्वागत कर कौमी एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया. मुस्लिम समाज के लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर महारूद्र यज्ञ और भण्डारा की नाथजी के भक्तों को शुभकामनाएं दी. पीर शांतिनाथ महाराज हिन्दु और मुस्लिम दोनों समुदाय के लिए पुजनीय है और हिन्दु और मुस्लिम दोनों पीर से नाथजी को पुकारते है.

जालोर रहा बंद, बाजारों में पसरा सन्नाटा
महारूद्र यज्ञ और पीरजी के भण्डारा को लेकर भक्तों ने स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और जालोर शहर पूरा बंद रहा, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. शोभायात्रा में भक्तों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शिरकत की और आपातकालीन सेवा की दुकान भी पहली बार बंद नजर आई.

Reporter: Dungar Singh

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