फर्जी कॉल मामले में डीजीपी की भूमिका संदिग्ध, सीबीआई जांच कराए सरकार- सुशील मोदी
Advertisement
trendingNow0/india/bihar-jharkhand/bihar1404059

फर्जी कॉल मामले में डीजीपी की भूमिका संदिग्ध, सीबीआई जांच कराए सरकार- सुशील मोदी

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज है. ऐसे में लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी हर दिन सरकार के खिलाफ हमलावर नजर आते हैं.

(फाइल फोटो)

पटना : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज है. ऐसे में लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी हर दिन सरकार के खिलाफ हमलावर नजर आते हैं. ऐसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि गया में शराब बरामद होने से लेकर वहां के तत्कालीन एसपी के ट्रांसफर और FIR से दोषमुक्त करने तक पूरे मामले में फर्जी कॉल के आधार पर फैसले करने वाले डीजीपी एसके सिंघल की भूमिका संदेह के घेरे में है. इस मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से कराई जानी चाहिए. 

सुशील मोदी ने कहा कि जब एसपी स्तर के अधिकारी को बचाने और लाभ पहुंचाने का संदेह डीजीपी पर है, तो उनके नीचे काम करने वाली आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती. 

उन्होंने कहा कि डीजीपी सिंघल पिछले अगस्त महीने से उस व्यक्ति से दर्जनों बार बात कर रहे थे, उसकी पैरवी को गंभीरता से ले रहे थे, जो स्वयं को हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बता रहा था, लेकिन उन्होंने फोन करने वाले की सत्यता जांचने की कोशिश क्यों नहीं की?

 

सुशील मोदी ने कहा कि इस मामले में कई सवाल उठते हैं, जैसे-

कई बार फोन पर बातें करने के बावजूद डीजीपी ने सीधे मिल कर हकीकत जानने की कोशिश क्यों नहीं की?

यदि फोन कॉल फर्जी नहीं, असली मुख्य न्यायाधीश का ही होता, तब भी क्या शराब पकड़े जाने के मामले में एसपी स्तर के अधिकारी को फोन-पैरवी के आधार पर राहत दी जानी चाहिए थी- खास कर तब, जब शराब के मामले में 4 लाख लोग जेल जा चुके हों?

जिस एसपी पर FIR किया गया था, उसे दोषमुक्त करने के लिए किसके दबाव में जांच अधिकारी को छुट्टी के दौरान चेन्नई से बुलाकर क्लोजर रिपोर्ट बनवायी गई?

गया से ट्रांसफर के बाद एसपी को डीजीपी कार्यालय में एआइजी (क्यू) क्यों बना दिया गया? डीजीपी ने पूर्व गया एसपी के विरुद्ध विभागीय जांच बंद करने के और पूर्णिया में पोस्टिंग के लिए संचिका क्यों बढ़ाई? सुशील मोदी ने आगे कहा कि ऐसे गंभीर सवालों का जवाब सीबीआई ही ढूंढ सकती है. 

ये भी पढ़ें- दिवाली पर CM हेमंत ने दिया लोगों को तोहफा, नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर मिलेंगे 1.5 लाख... जानिए मामला

Trending news