पाकिस्तान में निर्दलीय बनेंगे 'किंगमेकर', बिलावल ने सियासी हवा के साथ बदला रुख!
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पाकिस्तान में निर्दलीय बनेंगे 'किंगमेकर', बिलावल ने सियासी हवा के साथ बदला रुख!

Pakistan elections: पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. मंगलवार 6 फरवरी को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था. इसबार के चुनाव में पाकिस्तान की 167 राजनीतिक पार्टियों के 6 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं.

पाकिस्तान में निर्दलीय बनेंगे 'किंगमेकर', बिलावल ने सियासी हवा के साथ बदला रुख!

Pakistan elections: पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. मंगलवार 6 फरवरी को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था. इसबार के चुनाव में पाकिस्तान की 167 राजनीतिक पार्टियों के 6 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं. जबकि करीब साढ़े 17 हजार निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

PTI का चुनाव चिन्ह रद्द

इसबार के चुनाव में खास बात ये है कि इमरान खान की पार्टी के सभी उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. क्योंकि, PTI का चुनाव चिन्ह रद्द किया जा चुका है. इस वजह से तीन मुख्य पार्टियों के बीच का मुकाबला अब काफी हद तक सिर्फ दो दलों के बीच सिमटकर रह गया है. नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) यानी PML(N) और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी (PPP).

17 हजार से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवार

नवाज शरीफ और उनकी पार्टी के नेता जीत को लेकर काफी हद तक निश्चिंत हैं, लेकिन पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक इमरान के उम्मीदवारों की भूमिका को बेहद अहम मान रहे हैं. जिनका मानना है कि भले ही पाकिस्तान में साढ़े 17 हज़ार निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन इमरान की पार्टी के निर्दलीय उम्मीदवार King Maker की भूमिका में हैं. कहा तो ये जा रहा है कि जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय सांसदों का समर्थन जिस पार्टी को होगा, पाकिस्तान में उसी की सरकार बनेगी.

40 से 50 सीटों पर इमरान के उम्मीदवारों की मजबूत पकड़

भारत हो या पाकिस्तान, या फिर कोई तीसरा देश. आम चुनाव में ज्यादातर सीटें मुख्य राजनीतिक दलों के खाते में जाती हैं. ऐसे में इमरान खान की पार्टी के नेता भले ही निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि 40 से 50 सीटों पर उनकी मजबूत पकड़ है. और ये सीटें इमरान की पार्टी के खाते में जा सकती हैं. देश के सियासी माहौल को भांपते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है, जो इसबार के चुनाव में असली खेला करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

बिलावल भुट्टो मुस्लिम लीग नवाज को खूब कोस रहे 

बिलावल भुट्टो मुस्लिम लीग नवाज को खूब कोस रहे हैं. नवाज के PM बनने पर विदेश मंत्री बनने से मना किया. PML(N) से गठबंधन करने से बिलावल ने मना किया है. जीत के बाद राजनीतिक कैदियों की रिहाई की बात कही. इमरान की रिहाई की तरफ बिलावल ने इशारा किया है. बिलावल भुट्टो के तेवर इशारा कर रहे हैं, कि उनके कदम PTI की तरफ बढ़ रहे हैं. क्योंकि, करीब पौने दो साल पहले 13 दलों के गठबंधन से पाकिस्तान में सरकार बनी थी. तब गठबंधन सरकार में नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री और बिलावल भुट्टो विदेश मंत्री थे. लेकिन चुनावी मौसम में बिलावल भुट्टो ने पाला बदल लिया है. 

PTI के Fix वोटबैंक

PTI के Fix वोटबैंक और संभावित जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों को लुभाने में बिलावल भुट्टो अभी से जुट गये हैं. बिलावल के इशारों और उनके भाषणों को डिकोड करके, हमने एक खास रिपोर्ट तैयार की है. जिससे पाकिस्तान के चुनावी समीकरण को आप आसानी से समझ सकेंगे. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति दुनिया से छिपी नहीं है, इस समय पाकिस्तान पर 128 बिलियन डॉलर यानी 354 खरब पाकिस्तानी रुपये का विदेशी कर्ज है. जिसे चुकाना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं है. ऐसी कमजोर आर्थिक हालत में पाकिस्तान चुनाव पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है.

चुनाव पर 50 अरब से ज्यादा रुपये खर्च होंगे

पाकिस्तान के वित्त विभाग ने जुलाई 2023 में 10 अरब रुपये जारी किये थे. इसके बाद दिसंबर 2023 में 17.4 अरब रुपये अलग से चुनाव आयोग को जारी किये. चुनाव कराने के लिए पाकिस्तान के वित्त विभाग ने कुल 27.4 अरब रुपये जारी किये. लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग ने आम चुनाव के लिए कुल 47 अरब रुपये मांगे हैं. इसके अलावा 3.5 अरब रुपये सुरक्षा, 1.19 अरब रुपये पुलिस ड्यूटी का खर्च मांगा है. यानी पाकिस्तान में होने वाली आम चुनाव पर 50 अरब से ज्यादा रुपये खर्च होंगे.

दाने-दाने को मोहताज

पाकिस्तान, चुनाव पर इतना भारी भरकम खर्च ऐसे वक्त में कर रहा है, जब उसे इसी वर्ष 3 बिलियन डॉलर यानी तकरीबन 830 अरब रुपये का कर्ज चुकाना हैं. पाकिस्तान का आम नागरिक दाने-दाने को मोहताज है. लाखों लोगों के पास सिर छिपाने के लिए छत्त तक नहीं है और लाखों लोग बेरोजगार हैं. किस तरह पाकिस्तान 50 अरब रुपयों खर्च कर, अपने देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार ला सकता है, इसे उदाहरण के जरिये समझने की कोशिश करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक  पाकिस्तान में 20 मिलियन यानी 2 करोड़ लोग बेघर हैं, जोकि कुल आबादी का 9 फीसदी है. 50 अरब रुपये खर्च करके 5 लाख रुपये कीमत के 1 लाख घर बनाए जा सकते हैं. जिनमें कम से कम 4 लाख लोगों को बसाया जा सकता है.

पाकिस्तान में 56 लाख लोग बेरोजगार

पाकिस्तान में 5.6 मिलियन यानी 56 लाख लोग बेरोजगार हैं, 50 अरब रुपये लागत से इन लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध कराये जा सकते हैं. पाकिस्तान में आटा 150 से 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, पाकिस्तान में इतना महंगा आटा खरीदना एक वर्ग विशेष के लिए असंभव सा है. पाकिस्तान सरकार 50 अरब रुपये से सब्सिडी देकर देश के लाखों लोगों को दो वक्त का खाना मुहैया करा सकती है. पाकिस्तान के हुक्मरानों को आम नागरिकों से कोई मतलब नहीं है, शायद यही वजह है कि चुनाव से 7 दिन पहले आम आदमी को महंगाई का झटका दिया. पाकिस्तान में पिछले बुधवार को पेट्रोल की कीमतों में 13 रुपये 55 पैसे का इजाफा कर दिया गया. इस देश में पेट्रोल 272 रुपये नवासी पैसा बिक रहा है.

पाकिस्तान खरबों रुपये के विदेशी कर्ज में डूबा

जिस समय पाकिस्तान खरबों रुपये के विदेशी कर्ज में डूबा है, तब हुक्मरान अरबों रुपये चुनाव पर खर्च कर रहे हैं. पाकिस्तान में होने वाले चुनाव में इस बार एक बात बेहद खास है. इसबार जो राजनेता चुनाव लड़ रहे हैं, वो वर्ष 2018 के चुनाव में जेल में बंद थे. जबकि जो नेता अब जेल में बंद है, वो 2018 में चुनाव लड़ रहे थे. वैसे पाकिस्तान को लेकर एक सच ये है, कि इस देश में सरकार चाहे किसी पार्टी की बने. उसपर फाइनल कंट्रोल सेना का रहता है. और यहां के राजनेता भारत के खिलाफ नफरत जाहिर करके अपनी राजनीति चमकाते हैं.

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