Budget 2023: इस वित्त मंत्री ने 10 बार आम बजट पेश कर बनाया र‍िकॉर्ड, बाद में बन गए देश के पीएम
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Budget 2023: इस वित्त मंत्री ने 10 बार आम बजट पेश कर बनाया र‍िकॉर्ड, बाद में बन गए देश के पीएम

Budget Expectation: न‍िर्मला सीतारमण इस बार पांचवी बार बजट पेश करने जा रही हैं. लोकसभा चुनाव से पहले पेश होने वाले इस बार के आम बजट से नौकरीपेशा से लेक‍र क‍िसानों तक को काफी उम्‍मीदें हैं.

Budget 2023: इस वित्त मंत्री ने 10 बार आम बजट पेश कर बनाया र‍िकॉर्ड, बाद में बन गए देश के पीएम

Union Budget 2023: व‍ित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यून‍ियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी. न‍िर्मला सीतारमण इस बार पांचवी बार बजट पेश करने जा रही हैं. लोकसभा चुनाव से पहले पेश होने वाले इस बार के आम बजट से नौकरीपेशा से लेक‍र क‍िसानों तक को काफी उम्‍मीदें हैं. लेकिन क्‍या आपको अंदाजा है क‍ि आजाद भारत में अब तक सबसे ज्‍यादा बजट पेश करने का र‍िकॉर्ड क‍िस व‍ित्‍त मंत्री के नाम है?

दो बार अंतरिम बजट भी पेश किया
1947 से अब तक सबसे ज्यादा बार देश का आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का है. उन्होंने देश का वित्त मंत्री रहते हुए 10 बार बजट पेश किया था. वह 13 मार्च 1958 से 29 अगस्त 1963 तक देश के वित्तमंत्री रहे. इसके बाद 1967 से 1969 तक वह दूसरी बार देश के वित्त मंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने कुल 10 बजट पेश किए. मोरारजी देसाई ने दो बार अंतरिम बजट भी पेश किया.

दो बार जन्‍मद‍िन पर भी बजट पेश क‍िया
मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी को हुआ था. इस कारण चार साल में उनका जन्मदिन एक बार आता है. 1964 और 1968 में तो उन्होंने नगहे जन्मदिन के दिन बजट पेश किया था. जन्‍मद‍िन के द‍िन बजट पेश करना भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है. दरअसल, पहले फरवरी की आख‍िरी तारीख को देश का आम बजट पेश क‍िया जाता था. उन्‍होंने 6 बार वित्तमंत्री रहते हुए और 4 बार उप प्रधानमंत्री रहते हुए बजट पेश किया.

मोरारजी देसाई व‍ित्‍त मंत्री के बाद देश के प्रधानमंत्री भी बने. उनके बाद पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने सबसे ज्‍यादा 9 बार देश का बजट पेश क‍िया है. वह पहली बार 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक फाइनेंस म‍िन‍िस्‍टर के पद पर रहे. मई 1997 से 19 मार्च 1998 तक इंद्र कुमार गुजराल के समय भी वह वित्तमंत्री रहे. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 2004 और 2009 में बनी यूपीए-1 और यूपीए-2 में उन्‍हीं यही मंत्रालय द‍िया गया.

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