Bennu Asteroid: सिर्फ 70 ग्राम के सैंपल में छिपे हैं अनगिनत राज,अंतिम अड़चन भी पार: अब सच आएगा सामने
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Bennu Asteroid: सिर्फ 70 ग्राम के सैंपल में छिपे हैं अनगिनत राज,अंतिम अड़चन भी पार: अब सच आएगा सामने

Solar System Mystery: हम सब आज भी सौर मंडल और ग्रहों के बारे में ना के बराबर ही जानते हैं. इन रहस्यों को खोलने के लिए नासा ने ओसिरिस रेक्स मिशन के जरिए सौर मंडल के सबसे घातक एस्टेरॉयड बेन्नू के सैंपल को लाने में कामयाब रहा. लेकिन जिस कंटेनर में सैंपल लाया गया था उसे खोलने में दिक्कत आ रही थी.

Bennu Asteroid: सिर्फ 70 ग्राम के सैंपल में छिपे हैं अनगिनत राज,अंतिम अड़चन भी पार: अब सच आएगा सामने

Bennu Asteroid Sample:  आप को याद होगा कि कुछ महीने पहले नासा ने ओसिरिस रेक्स मिशन के जरिए बेन्नू एस्टेरॉयड के सैंपल को लाया था. लेकिन तकनीकी अड़चनों की वजह से सैंपल को जिस कंटेनर में लाया गया वो खुल नहीं पा रहा था. यह सैंपल कितना खास है उसे आप सिर्फ इस बात से समझ सकते हैं कि कंटेनर को 35 लॉक में कैद किया गया था. ताकि किसी भी हाल में प्रदूषित ना हो. नासा के टेक्निशियन ने 33 लॉक को तो खोल लिया. लेकिन 2 लॉक नहीं खुल पा रहे थे. पिछले चार महीने से उन 2 लॉक को खोलने की कोशिश जारी थी. पहले उन लॉक को खोलने के लिए सर्कल की आकार वाले आरी का इस्तेमाल किया गया. लेकिन कामयाबी नहीं मिली. उसके बाद टेक्निशियन ने अलग तरह के औजार को विकसित किया. अब नासा को उम्मीद जगी है कि सैंपल में जो रहस्य कैद है उसका खुलासा हो जाएगा.

70 ग्राम के सैंपल में अनगिनत राज

नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि 70 ग्राम के सैंपल में ना जाने कितने रहस्य छिपे हो सकते हैं. हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती तो यही थी कि कंटेनर को सही तरीके से खोला जा सके. आप हमारी परेशानी को इस तरह से समझ सकते हैं. कंटेनर को खोलने के लिए हमें नये टूल को डिजाइन करना पड़ा. वैसे हमें यह काम करने में चार महीने लग गए. लेकिन अब उस रहस्य तक पहुंचने के बेहद करीब है जिसकी मदद से हमें ब्रह्मांड के दूसरे ग्रहों, धूमकेतू के बारे में समझने में मदद मिलेगी और उसके जरिए हम अपने ब्लू प्लेनेट यानी धरती के उन रहस्यों को भी सुलझा सकते हैं जो अभी तक हमारी पहुंच से बाहर है.

सौर मंडल का खुलेगा रहस्य

क्षुद्रग्रह बेन्नु, सबसे खतरनाक जानकारी वाले एस्टेरॉयड में से एक है. यह सौर मंडल के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए शुरुआती खिड़की की तरह है. स्पेस में यह चट्टान जो अरबों वर्षों से जैसी की तैसी अपने रूप में हम सबके सामने हैं. यानी इसकी रासायनिक संरचना में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. जब हम सैंपल के बारे में पूरी जानकारी हासिल करेंगे तो उसका फायदा हमें स्पेस के अनसुलझे सवालों को समझने में मदद करेगा. सौर मंडल में सभी ज्ञात ग्रह किस तरह से बने. उनकी उम्र क्या हो सकती है. वो हमारे लिए किस तरह से फायदेमंद होंगे. हमें जानकारी मिल सकती है. इस एस्टेरॉयड के बारे में कहा जाता है कि ये करीब 4.5 करोड़ साल से अस्तित्व में बने हुए हैं.

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