Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज ने बताया किन लोगों की होती है दुर्गति? सही मार्ग के लिए करें ये काम
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Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज ने बताया किन लोगों की होती है दुर्गति? सही मार्ग के लिए करें ये काम

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज के आए दिन सुविचार सामने आते रहते हैं. जिनमें वह इंसान को सही राह पर चलने के लिए पथ प्रदर्शन करते हैं. हाल ही में उन्होंने मांस खाने वाले लोगों के बारे में जरूरी बात सामने रखी.

 

premanand ji maharaj

Premanand Ji Maharaj Video: प्रेमानंद जी महाराज के सुविचार आजकल लोगों के दिल और दिमाग पर छाए हुए हैं. हाल ही में उन्होंने सत्संग के दौरान मांस खाने वाले लोगों के बारे में अपने विचार सामने रखें जिसमें नॉनवेज खाने वालों के प्रति उन्होंने क्या कहा आइए विस्तार से जानते हैं. 

हर जीव को अपना शरीर होता है प्यारा

प्रेमानंद जी महाराज ने मांस खाने वाले लोगों से कहा कि हमारे शरीर को कोई पीढ़ा पहुंचाए तो हमें कष्ट होता है. ठीक ऐसे ही हर शरीर को पीढ़ा पहुंचाने पर कष्ट होता है. हर जीव को उतना ही शरीर प्यारा है जैसे हमें अपना प्यारा है वैसे उसको अपना प्यारा है.

किसी जीव को मार कर खाना किसी पाप से कम नहीं

प्रेमानंद जी ने बताया कि जब आपके शरीर को एक सुई लगती है तो आपको कितना कष्ट होता है तुम दूसरे के शरीर को चाकू से काट कर उसे पका कर खा रहे हो तो क्या तुम्हे पता नहीं है कि तुम पाप कर रहे हो.

 

 

मांस नहीं मनुष्य के लिए बनी हैं ये चीजें

प्रेमानंद जी ने कहा कि दुनिया में मांस ही नहीं तुम्हारे पास बहुत सी चीजे खाने के लिए हैं जैसे मूली है, गाजर है, सब्जियां है, रोटी है, दाल है, कितने ही प्रकार के मेवे और फल हैं. ये तुम्हारे लिए बने हैं मनुष्य के लिए बने हैं. मूली उसमें जीव है आप उसे उखाड़ देंगे तो वह सूख जाएगी. मूली में भी जीवत्मा है, गाजर में, गेहूं में, इन सभी चीजों को हम खाते हैं. फल, मेवा, गेहूं अैर मिष्ठान यह सभी हमारे लिए बनाए गए हैं.

जीव को मारना राक्षसों का है स्वभाव

प्रेमानंद जी ने इस बात को सामने रखा कि पशु पक्षियों को मार कर या उनकी हत्या कर के खाना मनुष्य के लिए नहीं बनाया गया है. ऐसा करना राक्षसों का स्वभाव होता है. आप लोग राक्षस तो है नहीं मनुष्य हैं अपने शरीर को कष्ट होता है वैसे ही प्रत्येक शरीर को कष्ट होता है.

दूसरे जीव को मार कर खाने से दुर्गति पक्की

प्रेमानंद जी ने यह भी कहा कि दूसरे शरीर को तुम मार रहे, काट रहे हो, उबाल कर खा रहे हो ऐसे में तुम्हारी दुर्गति पक्की है. मांस खाना, पराई स्त्रियों की तरफ देखना और शराब पीना ये सब तुम जानते हो कि पाप है. ऐसे में खुद विचार कर के देखो, ये सब आपको खुद गलत लगने लगेगा लेकिन मानते नहीं हो तो आपके पास सार्मथ्य नहीं रह गई है. यह सामर्थ्य और कुछ नहीं है वह नाम जप, नाम जप से व्यक्ति बलवान बनेगा और समस्त आशक्तियों पर विजय प्राप्त करेंगे. भगवत सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है इससे हर प्रकार की व्यक्ति सेवा प्राप्त कर सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

 

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