IAS Monica Rani: बहराइच की डीएम मोनिका रानी को प्रधानमंत्री पुरस्कार मिलने वाला है. सिविल सर्विस डे पर देश के पीएम अपने हाथों से डीएम को सम्मानित करेंगे. जिला विकास और सामुदायिक कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें चयनित किया गया है. पढ़िए
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IAS Monica Rani: बहराइच की डीएम मोनिका रानी को प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयन किया गया है. सिविल सर्विस डे पर देश के पीएम अपने हाथों से डीएम को सम्मानित किया जाएगा. विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं से असंतृप्त लोगों को लाभ दिए जाने के लिए डीएम मोनिका रानी के सेवा से संतृप्तिकरण अभियान को पूरे देश में अलग पहचान मिली है. केंद्र सरकार ने डीएम की अनूठी पहल को सराहा है. उनको देश के 10 जिलों में चयनित करते हुए 2023 का पीएम पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.
पीएम करेंगे डीएम को सम्मानित
21 अप्रैल को सिविल सर्विस डे पर बहराइच के डीएम को पीएम मोदी सम्मानित करेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, असंतृप्त व्यक्तियों को संतृप्तिकरण, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समुदाय की सहभागिता के साथ अभिनव पहल के तौर पर जिले में संचालित किए गए. 'सेवा से संतृप्तिकरण' अभियान और आकांक्षी जिले के चर्तुमुखी विकास के लिए निर्धारित सूचकांकों में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने के लिए डीएम मोनिका रानी को 'जिले का संपूर्ण विकास' की श्रेणी के लिए पीएम अवॉर्ड के लिए चयन किया गया है.
पीएम अवॉर्ड की स्थापना
जानकारी के मुताबिक, रचनात्मक प्रतिस्पर्धा, नवाचार, प्रतिकृति और सर्वोत्तम प्रथाओं के संस्थागतकरण को प्रोत्साहित करने के लिए इससे सम्मानित किया जाता है. यह देशभर में सिविल सेवकों ने किए गए तमाम अनुकरणीय कार्यों को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार ने लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए पीएम अवॉर्ड की स्थापना की गई है. अवार्ड की विशेषता यह है कि देश के 700 से ज्यादा जनपदों में से 'जिले का सम्पूर्ण विकास' की श्रेणी के लिए 10 जनपद चयनित किए गए हैं. पीएम अवॉर्ड के लिए चयनित किए गए देश के 10 जनपदों में प्रदेश का अकेला जनपद बहराइच है, जिसे 2023 के लिए पीएम अवॉर्ड के लिए चुना गया है.
अवॉर्ड लोगों को किया समर्पित
पीएम अवॉर्ड के लिए चयन की बात करें तो यह सोने से कुंदन बनाने जैसी 4 जटिल प्रक्रियाओं स्क्रीनिंग कमेटी, एक्सपर्ट कमेटी, सिटीजन फीडबैक, एम्वाईड कमेटी की पारखी नजरों से गुजरने के उपरान्त एक उच्च स्तरीय समिति के द्वारा संबंधित जनपद का भ्रमण कर जमीनी हकीकत को परखा जाता है, फिर उसके बाद पीएम के अनुमोदनोपरान्त चयनित जिलों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है. इस अवॉर्ड को डीएम मोनिका रानी ने जनपदवासियों को समर्पित किया है.
कौन हैं IAS मोनिका रानी?
डीएम मोनिका रानी के आईएएस बनने की कहानी दिलचस्प और प्रेरक है. मोनिका रानी 2011 बैच की आईएएस अफसर हैं. उन्होंने 2010 में यूपीएससी परीक्षा में 70वीं रैंक हासिल की थी. वह मूल रूप से गुरुग्राम की रहने वाली हैं.1982 में जन्मीं मोनिका रानी की 2005 में शादी हो गई. इस बीच उन्होंने बीकॉम और इकोनॉमिक्स से एमए किया. इसके बाद वह दिल्ली के सरकारी स्कूल में टीचर बन गईं. हालांकि, वह बचपन से ही आईएएस बनना चाहती थीं. वह अपने भाई से बेहद प्रेरित थीं.
कब शुरू की UPSC की तैयारी?
मोनिका रानी ने यूपीएससी की तैयारी मां बनने के बाद शुरू की. तब उनका बेटा आठ महीने का था. वह सुबह जल्दी उठती थीं और घर के काम निपटाकर कुछ देर पढ़ाई करती थीं. फिर स्कूल में पढ़ाने जाती थीं. वापस आने के बाद बच्चे की देखभाल और घर के काम करती थीं. इन सब काम के बाद फिर से रात को कुछ घंटे पढ़ती थीं. उस वक्त उनके पति कोलकाता में पोस्टेड थे. डीएम मोनिका रानी ने भूमाफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कई बार सख्त एक्शन लिए हैं. वह हिंसा के बाद स्थिति संभालने के लिए एसपी वृंदा शुक्ला के साथ सड़क पर नजर आईं थीं. उस दौरान उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट पहन रखा था.
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