Udaipur killing: कन्हैया लाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 10 दिन पहले रची गई थी टेलर के मर्डर की साजिश
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Udaipur killing: कन्हैया लाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 10 दिन पहले रची गई थी टेलर के मर्डर की साजिश

Udaipur killing: नूपुर शर्मा को लेकर होने वाले हर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज मोहम्मद जाया करते थे. इसके बाद गौस मोहम्मद और रियाज मोहम्मद ने कई अन्य कट्टरपंथी सोच के लोगों के साथ मीटिंग की थी. इसी मीटिंग के दौरान कन्हैया लाल के कत्ल की साजिश रची गई थी

Udaipur killing: कन्हैया लाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 10 दिन पहले रची गई थी टेलर के मर्डर की साजिश

Kanhaiya lal murder case: उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल के हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक 17 जून को ही कन्हैया की हत्या की साजिश रची जा चुकी थी और फिर 28 जून को गला काटकर बर्बरता से कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई. कत्ल की साजिश के दौरान ही आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज ने कन्हैया समेत तीन लोगों की गर्दन काटने का ऐलान किया था. उदयपुर में नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रोटेस्ट हुए थे जिसमें ये आरोपी भी शामिल थे. साथ ही नूपुर शर्मा के समर्थक के तौर पर कन्हैया लाल, नितिन जैन और एक अन्य शख्स पनेरिया का नाम सामने आया है.

नूपुर के खिलाफ प्रदर्शन में हुए थे शामिल

नूपुर शर्मा को लेकर होने वाले हर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज मोहम्मद जाया करते थे. इसके बाद गौस मोहम्मद और रियाज मोहम्मद ने कई अन्य कट्टरपंथी सोच के लोगों के साथ मीटिंग की थी. इसी मीटिंग के दौरान कन्हैया लाल के कत्ल की साजिश रची गई थी. जानकारी के मुताबिक उदयपुर के खांजीपीर इलाके में ये मीटिंग हुई थी.

कन्हैया लाल की हत्या के बाद रियाज और गौस खुद को मुस्लिम समुदाय का पोस्टर बॉय बनाना चाहते थे.17 जून के बाद जब कन्हैया लाल के कत्ल करने की बात तय हुई तभी से दोनों यानी रियाज और गौस 7 से 8 व्हाट्सएप ग्रुप में एक्टिव थे. इन ग्रुप में पाकिस्तान के भी 8 से 10 मेम्बर शामिल थे. कन्हैया लाल के कत्ल के बाद दोनों ने ग्रुप में जैसे ही कत्ल का कबूलनामा (वीडियो) डाला कुछ लोग तो व्हाट्सएप ग्रुप से निकल गए, जबकि कुछ ने इस बर्बर हत्या के लिए आरोपियों की तारीफ भी की थी. पुलिस उन सभी की पहचान कर रही है.

नेपाल और पाकिस्तान का किया दौरा

गौस मोहम्मद जब भी अपने समुदाय के किसी शख्स से मिलता था तो उसका मोबाइल नंबर अपने व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड कर लेता और फिर उसके ब्रेनवाश का खेल शुरू होता था. यह भी जानकारी सामने आई है कि रियाज मोहम्मद का नेपाल और पाकिस्तान का टूर दावत-ए-इस्लामिया ने स्पॉन्सर किया था और वह नेपाल और पाकिस्तान ट्रेन से गया था.

पिछले 8 साल से गौस मोहम्मद राजस्थान में एक्टिव था और स्लीपर सेल तैयार कर रहा था. लेकिन इंटेलीजेंस को इस बात की भनक तक नहीं लगी. गौस मोहम्मद और रियाज फिदायीन हमलावर के बराबर हो चुके थे और हत्या करने के बाद दोनों को कोई पछतावा नहीं है.

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