जयपुर : राधा गोविंद गोशाला की 700 गायें बेसहारा, 22 साल बाद भी नहीं कोई ठिकाना
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जयपुर : राधा गोविंद गोशाला की 700 गायें बेसहारा, 22 साल बाद भी नहीं कोई ठिकाना

Jaipur News: प्रदेशभर में संचालित सैकड़ों गोशालाओं को आज भी अपने लिए स्थाई जमीन आवंटित करवाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, इसको लेकर गोशालाओ का संचालन करने वाली समितियां और संस्थाएं लगातार संघर्ष करती हुई नजर आ रही हैं, बगरू के निकट दहमीकलां में श्री राधा गोविंद गोशाला का सफलतापूर्वक संचालन पिछले करीब 22 वर्षो से किया जा रहा है.

 

जयपुर : राधा गोविंद गोशाला की 700 गायें बेसहारा, 22 साल बाद भी नहीं कोई ठिकाना

Jaipur: प्रदेशभर में संचालित सैकड़ों गोशालाओं को आज भी अपने लिए स्थाई जमीन आवंटित करवाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, इसको लेकर गोशालाओ का संचालन करने वाली समितियां और संस्थाएं लगातार संघर्ष करती हुई नजर आ रही हैं, बगरू के निकट दहमीकलां में श्री राधा गोविंद गोशाला का सफलतापूर्वक संचालन पिछले करीब 22 वर्षो से किया जा रहा है, जहां करीब 700 गौवंश का पालन पोषण किया जा रहा है, लेकिन आज भी गोशाला के पास कोई स्थाई ठिकाना नहीं है.

जमीन के अभाव में गोशाला संचालकों को हर दिन बेदखल करने का डर सताता रहता है, गोशाला के लिए जमीन आवंटित करवाने के लिए समिति ओर स्थानीय ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं. स्थानीय भाजपा कांग्रेस के विधायकों, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके है, लेकिन दो दशक के लंबे संघर्ष के बाद भी जब गोशाला के लिए शासन और प्रशासन ने जमीन आवंटित नहीं की तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया.

श्री राधा गोविंद गोशाला समिति  ने बुलाई आमसभा 

श्री राधा गोविंद गोशाला समिति के आह्वान पर बुधवार को गोशाला परिसर में ग्रामीणों की एक आमसभा का आयोजन किया गया, बैठक में जमीन आवंटित करवाने को लेकर किए गए प्रयासों की जानकारी दी गई, अध्यक्ष बाबूलाल लोकंडा ने बताया कि गोशाला के लिए जमीन आवंटित करवाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण को सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ कई बार आवेदन किया गया है, लेकिन हर बार कोई ना कोई तकनीकी कमी बताकर मामले को लटका दिया गया.

जमीन आवंटित नहीं तो होगा उग्र आंदोलन 

बैठक में गोशाला के लिए जमीन आवंटित करवाने के लिए आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया, लोगों ओर जनप्रतिनिधियों में अपने अपने विचार प्रकट किए. अंत में सर्वसम्मति से तय किया कि जमीन आवंटित करवाने के लिए अब बड़े स्तर पर प्रयास किए जाएंगे. विधायक गंगादेवी से मुलाकात कर जेडीए के अधिकारियों पर जमीन आवंटित करने के लिए दबाव बनाया जायेगा. 

 

यदि फिर भी जमीन आवंटित नहीं की गई तो धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन का भी सहारा लिया जाएगा. अब तक बगरू विधायक गंगादेवी पूर्व विधायक कैलाश वर्मा, सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक से गोशाला को जमीन आवंटित करने के लिए गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आज तक जमीन आवंटित करने को लेकर सिर्फ आश्वासन मिले धरातल कर कोई ठोस प्रयास नही किए गए है.

जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार किया आग्रह 

जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से भी बार-बार मिलकर जमीन आवंटित के लिए लिखित में प्रार्थना पत्र देकर आग्रह किया गया, जेडीए ने जमीन आवंटित को लेकर आवेदन पर तो कोई कार्रवाई नही की, इसके उलट बार बार मशीनरी का लवाजमा लेकर गोशाला की चारदीवारी और तार बंदी को तोड़ने की कार्रवाई करने मौके पर आ जाते है, जिससे गोशाला संचालक हमेशा सैकड़ों गौवंश के बेसहारा होने की चिंता से घिरे रहते है. 

ये रहे बैठक में मौजूद

बैठक के दौरान दहमीकलां सरपंच गणेश कुमावत, पूर्व प्रधान कैलाश कुमावत, बगरू नगर पालिका अध्यक्ष मालूराम मीणा, दहमीकलां जीएसएस अध्यक्ष शैतान मीणा, बाबूलाल लोकंडा, रामस्वरूप श्रीमाल, श्योजीराम देवंदा, रामपाल चलावरीय, कालूराम शर्मा, नंदकिशोर गोयल, रामलाल बेताड़िया, कैलाश अग्रवाल, प्रह्लाद डीडवानिया, रामेश्वर रावोरिया, रामचरण अग्रवाल, कलम टिल्यावास, कमल डागर, रामसहाय सिरोडिया, रामस्वरूप लोकंडा, नंदू चलावरिय, गंगाबक्ष चलावरिया, छाजूराम जलांद्रा, भंवर लाल चोरस्या सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.

Reporter-Arun Vaishnav

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