MP Election 2023: कर्ज लेने पर भड़के कमलनाथ, बोले-शिवराज को सीएम चेहरा बताने में बीजेपी को आ रही शर्म
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MP Election 2023: कर्ज लेने पर भड़के कमलनाथ, बोले-शिवराज को सीएम चेहरा बताने में बीजेपी को आ रही शर्म

Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर सीएम शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा है. उन्होंने  कहा कि बीजेपी को शर्म आ रही शिवराज को अपना चेहरा बताने में.

 

MP Election 2023: कर्ज लेने पर भड़के कमलनाथ, बोले-शिवराज को सीएम चेहरा बताने में बीजेपी को आ रही शर्म

Assembly Elections 2023: मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ एमपी सरकार के कर्ज लेने पर भड़क गए हैं. उन्होंने कहा कि, सरकार भ्रष्टाचार के लिए लगातार कर्ज ले रही है. सरकार चुनावी इवेंट के लिए कर्ज ले रही है. सरकार ने कितने ठेके दिए है. कितना एडवांस दिया है उसका हिसाब लगा लीजिए. सब ओपन है, कितनी रिश्वत ली है मेरे पास पूरी जानकारी है. कांग्रेस आने पर जहां भ्रष्टाचार का माध्यम था उन्हे बंद करेंगे.

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करूंगा-कमलनाथ
कमलनाथ ने सीएम शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि, मैंने कौन सी योजना बंद की बताइए.मैं भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करूंगा. बीजेपी को शर्म आ रही है कि सीएम शिवराज उनके सीएम का चेहरा है. बीजेपी बताए उनका मुख्यमंत्री कौन है? कमलनाथ ने आगे कहा कि, अमित शाह और मोदी आयेंगे तो किसके पक्ष में बोलेंगे. पार्टी का बोलेंगे लेकिन शिवराज के सीएम चेहरा का नहीं बोलेंगे ये दुख की बात है.

कांग्रेस की सूची को लेकर क्या बोले कमलनाथ
कांग्रेस की सूची को लेकर कमलनाथ ने कहा कि, उम्मीदवारों कि सूची आती रहेगी. कल दिल्ली में बैठक है. वैसे भी बहुत जानकारी तो मिल ही जाती है इंटरनेट का जमाना है. दावेदारी कर रहे नेताओ को लेकर कमलनाथ ने कहा कि, छः हजार लोगों ने दावेदारी की है. सब कहते है मैं हारने वाला नहीं हूं. 

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‘जन आशीर्वाद यात्रा’ को लेकर कमलनाथ ने साधा निशाना
वहीं भाजपा की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ को लेकर कमलनाथ ने कहा- भाजपा की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’और उसमें आयोजित हो रही प्रेस कॉन्फ़्रेंस में निराशा और हताशा का जो वातावरण है, वो चुनाव में हार स्वीकार कर चुके भाजपा नेताओं के चेहरों पर रोज साफ़ दिख रहा है. ये एमपी भाजपा की वही अवस्था है जब ख़ुद को तोपची कहने वाले को पता हो कि उसकी तोप तो दगा दे चुकी है और गोला-बारूद तो पहले ही ख़त्म हो चुका है. भाजपा की यात्राएं बहुत ठंडी हैं, जन भावना विहीन हैं और उनकी प्रेस वार्ताऐं भी सुप्त ही हैं. ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा पराजय के आदेश को स्वीकार कर, उस की प्राप्ति की केवल स्वीकारोक्ति के हस्ताक्षर करने भर बैठी हुई है. कांग्रेस एमपी में है, आने वाली, सुख,शांति,समृद्धि और खुशहाली है, लाने वाली.

 

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