Bihar News: कविता और गीत के माध्यम से शिक्षिका दे रही हैं बच्चों को शिक्षा, शत प्रतिशत है बच्चों की उपस्थिति
Advertisement
trendingNow0/india/bihar-jharkhand/bihar1394297

Bihar News: कविता और गीत के माध्यम से शिक्षिका दे रही हैं बच्चों को शिक्षा, शत प्रतिशत है बच्चों की उपस्थिति

बिहार के शेखपुरा में शिक्षिका की बच्चों को पढ़ाने की कार्यशैली को लेकर एक विद्यालय इन दिनों काफी चर्चा में है. शिक्षिका की वजह से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी शत-प्रतिशत हो गई. स्कूल में शिक्षिका द्वारा कविता और गीत के माध्यम से बच्चों के बीच नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है. 

 

(फाइल फोटो)

Sekhpura: बिहार के शेखपुरा में शिक्षिका की बच्चों को पढ़ाने की कार्यशैली को लेकर एक विद्यालय इन दिनों काफी चर्चा में है. शिक्षिका की वजह से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी शत-प्रतिशत हो गई. यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्रा पहले स्कूल जाने में आनाकानी करते थे लेकिन, अब स्कूल का समय होते ही छात्र- छात्राएं स्कूल शिक्षा ग्रहण करने पहुंच जाते हैं. वहीं, छात्र -छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर ग्रामीण भी काफी खुश है. स्कूल में शिक्षिका द्वारा कविता और गीत के माध्यम से बच्चों के बीच नई सोच का प्रयोग किया जा रहा है. 

कविता और गीत के माध्यम से बच्चों को दे रही शिक्षा
यह खबर शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड के मध्य विद्यालय बेलछी से है. यहां कार्यरत महिला शिक्षिका ममता कुमारी अनूठी पहल कर बच्चों को शिक्षा दे रही है. शिक्षा में ममता कुमारी की नई सोच विद्यार्थियों और अभिभावकों में दिखाई दे रही है. शिक्षिका ममता के इस नई सोच को अभी तक शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी का प्रोत्साहन नहीं मिल पाया है. मगर स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थी इनकी नई सोच से जरूर लाभांवित हो रहे हैं. शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखड़ के मध्य विद्यालय बेलछी, जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर पर स्थित है. यहां नियोजित शिक्षिका ममता ने हिंदी व्याकरण से लेकर गणित और साइंस विषयों को भी अपनी स्वरचित कविता में ढाल दिया है. इनके पढाने का ढंग औरों से बिल्कुल अलग है. शिक्षिका ममता छात्र-छात्राओं को सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की जानकारी भी कविता के माध्यम से दे रही हैं. जिससे बच्चे काफी शान्त रहकर पढ़ाई करते है. ममता ने बताया कि कविता के माध्यम से पढ़ाई का यह नई सोच खुद शुरू किया है. जिससे छात्र- छात्राएं आसान भाषा में किसी भी बात को जल्दी सीख लेते है. इसी को लेकर कई सालों से बच्चों को पढ़ा रही हैं.

गणित और विज्ञान को कविता में ढाल दिया
शिक्षिका के साथ- साथ ममता एक कवयित्री और रचनाकार भी हैं. जिला के कई साहित्य संगठनों से जुड़ी ममता विभिन्न विषयों पर सौ से अधिक कविता लिख चुकी हैं. इसके अलावा नाटक और एकांकी भी लिख चुकी हैं. पढ़ाई में गीत और कविता की नई सोच को लेकर ममता कहती हैं कि विद्याथियों की पढ़ाई को रोचक और सरल बनाने के लिए उन्होंने स्वयं इस मामले में पहल की है. साथ ही विद्यालय के पाठ्यक्रम में हिंदी व्याकरण के साथ गणित और साइंस को कविता में ढाल दिया. जिसका नतीजा यह है कि स्कूली बच्चे क्लास कम छोड़ते है. जिससे बच्चों की उपस्थिति भी अच्छी रहती है. 

सरल माध्यम से बच्चों को दिया ज्ञान
गौरतलब है कि शिक्षिका ममता साल 2003 से शिक्षा मित्र से बहाल हुई है. जिसके बाद साल 2005 में नियोजित शिक्षिका में उनका सिलेक्शन हुआ था. जिसके बाद उन्होंने मध्य विद्यालय पंधर में अपनी सेवा दी और 2007 से अब तक मध्य विधायक बेलछी में बच्चों को गीत संगीत और कविता के माध्यम से सरल भाषा में ज्ञान दे रही है. 

ये भी पढ़िये: Chanakya Niti: जीवन में भूलकर भी शेयर न करें ये बातें, शुरू हो जाएंगी परेशानियां

Trending news