300 साल पुराना ब्रह्म स्थान तोड़ने जा रही नीतीश सरकार, लोगों ने कहा- खुदाबख्श लाइब्रेरी और चर्च क्यों नहीं तोड़े जा रहे
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300 साल पुराना ब्रह्म स्थान तोड़ने जा रही नीतीश सरकार, लोगों ने कहा- खुदाबख्श लाइब्रेरी और चर्च क्यों नहीं तोड़े जा रहे

पटना के अशोक राजपथ पर पटना कॉलेज के सामने डबल डेकर पुल बनाया जा रहा है और उसी को लेकर पटना कॉलेज के सामने स्थित मंदिर को तोड़ने का आदेश हुआ है. स्थानीय लोगों ने मंदिर बचाने के लिए धरना दे रहे हैं. 

पटना में ब्रह्मा स्थान बचाने को लेकर आंदोलन शुरू़ गया है.

पटना में अशोक राजपथ (Ashoka Rajpath) पर 300 साल पुराना ब्रह्म स्थान (Brahma Sthan) तोड़े जाने के विरोध में स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को सड़क पर जाम लगा दिया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आस्था के साथ नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार खिलवाड़ कर रही है. लोगों ने नीतीश सरकार के अलावा भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad), विधायक अरुण सिन्हा (MLA Arun Sinha) और नितिन नवीन (MLA Nitin Naveen) के विरोध में भी नारे लगाए. स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सनातन विरोधी भी करार दिया. 

पटना अशोक राजपथ में ब्रह्मा स्थान मंदिर तोड़े को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा है. अशोक राजपथ स्थित 300 साल पुराने ब्रह्मा स्थान मंदिर को डबल डेकर पुल निर्माण के कारण तोड़े जाने का प्रस्ताव है. इसे लेकर बीते 10 दिनों से स्थानीय लोग आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. 

वही मंदिर के सामने अशोक राजपथ को अनिश्चितकाल के लिए लोगों ने बंद कर दिया है. लोगों का कहना है कि केवल मंदिर को ही निशाना सरकार क्यों बना रही है. अंजुमन इस्लामिया चर्च को क्यों नहीं निशाना बना रही है. लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सनातन विरोधी बताया तो बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद, नितिन नवीन अरुण सिन्हा के मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. 

दरअसल, पटना के अशोक राजपथ पर पटना कॉलेज के सामने डबल डेकर पुल बनाया जा रहा है और उसी को लेकर पटना कॉलेज के सामने स्थित मंदिर को तोड़ने का आदेश हुआ है. स्थानीय लोगों ने मंदिर बचाने के लिए धरना दे रहे हैं. महागठबंधन सरकार जहां मंदिर तोड़ने के पक्ष में है तो बीजेपी मंदिर बचाने वालों के साथ खड़ी हो गई है. 

मंदिर समर्थकों का कहना है कि हम जान दे देंगे पर मंदिर नहीं टूटने देंगे. लोगों का कहना है कि एक खास समुदाय को खुश करने के लिए मंदिर तोड़ा जा रहा है. यही पर खुदाबख्श लाइब्रेरी है और अंजुमन इस्लामियां हॉल चर्च है. उन्हें क्यों नहीं तोड़ा जा रहा है. धरनार्थियों का कहना है कि पटना कॉलेज में नीतीश कुमार और लालू यादव जब पढ़ते थे, तो यहां आशीर्वाद लेने आते थे. अब वे इसी मंदिर को तोड़ने पर आमादा हैं. हम विकास का विरोध नहीं कर रहे हैं पर मंदिर नहीं टूटने देंगे.

Report: Rependra Sriwastava

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