श्री राम के लिए 31 साल तक इस नेता ने नहीं खाई मिठाई.. अमित शाह ने सुनाया 1990 का किस्सा
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श्री राम के लिए 31 साल तक इस नेता ने नहीं खाई मिठाई.. अमित शाह ने सुनाया 1990 का किस्सा

Bhupendrasinh Chudasama: अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई है. इस संघर्ष में एक नेता ऐसे भी थे जिन्होंने 1990 में सभी को अपने प्रण से चौंका दिया था. हम बात कर रहे हैं भूपेंद्र सिंह चुडासमा की. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद चुडासमा का यादगार किस्सा सुनाया है.

श्री राम के लिए 31 साल तक इस नेता ने नहीं खाई मिठाई.. अमित शाह ने सुनाया 1990 का किस्सा

Bhupendrasinh Chudasama: अयोध्या में भगवान श्री राम को मंदिर में ले जाने की तैयारियां जोरों पर हैं. जनवरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तय है. मेहमानों की लिस्ट भी तैयार हो गई है. अंबानी से लेकर सचिन-विराट समेत देश की कई हस्तियां इस भव्य आयोजन में शामिल होंगी. अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई है. इस संघर्ष में एक नेता ऐसे भी थे जिन्होंने 1990 में सभी को अपने प्रण से चौंका दिया था. हम बात कर रहे हैं भूपेंद्र सिंह चुडासमा की. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद चुडासमा का यादगार किस्सा सुनाया है. 

शाह ने सुनाया चुडासमा का यादगार किस्सा

गुजरात की राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले भूपेंद्र सिंह चुडासमा भाजपा के पुराने नेताओं में से एक हैं. उन्होंने गुजरात में कई साल तक मंत्री पद पर सेवा दी है. चुडासमा के संकल्प पर गृह मंत्री अमित शाह ने एबीवीपी के नेशनल कांफ्रेंस में जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने राम मंदिर न बनने तक मिठाई ने खाने का संकल्प लिया था. तब हम कहते थे की पूरी जिंदगी मिठाई खाने नहीं मिलेगी. लेकिन उनका संकल्प पूरा हुआ और आज भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है.

31 साल पहले छोड़ दी थी मिठाई

जी मीडिया से खास बातचीत में चुडासमा ने कहा की 31 साल पहले आडवाणी जी की यात्रा के दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करना था. उस वक्त सरयू किनारे दो हिंदू भाइयों की हत्या हुई थी. उस दौरान उन्होंने संकल्प लिया था की राम मंदिर के निर्माण तक वे मिठाई नहीं खाएंगे. लेकिन भगवान ने इतने वर्ष तक संकल्प पूर्ण करने में उनका साथ दिया. मिठाई उन्हें काफी पसंद थी लेकिन फिर भी कभी खाने का मन नहीं हुआ.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तोड़ा संकल्प

पीएम मोदी के बारे मे जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मंत्रीमंडल की बैठक में एक बार उनके सामने मिठाई आई, तो मोदी खुद बोले की इनको मिठाई मत खिलाना, इन्हें मिठाई मैं अपने हाथों से खिलाऊंगा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब संकल्प पूरा हुआ तो सबसे पहली मिठाई 31 साल बाद उनकी 94 वर्षीय स्वर्गीय माताजी के हाथों खाई और संकल्प खोला. उसके बाद पीएम मोदी से मिलकर उनके हाथों भी मिठाई खाई.

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