आखिर क्यों दुनियाभर में ट्रेनें सड़क के बजाय केवल पटरी पर ही चलाई जाती हैं? जानें इसके पीछे की खास वजह
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आखिर क्यों दुनियाभर में ट्रेनें सड़क के बजाय केवल पटरी पर ही चलाई जाती हैं? जानें इसके पीछे की खास वजह

Why are trains run only on tracks: हम सभी जानते हैं कि सड़क पर चलने वाली सभी गाड़ियों को दाएं या बाएं मोड़ने के लिए उनमें स्टीयरिंग दिए होते हैं, लेकिन ट्रेन में इस तरह का कोई सिस्टम नहीं होता है. जो ट्रेन को पटरी पर चलाने की एक अहम वजह है.

आखिर क्यों दुनियाभर में ट्रेनें सड़क के बजाय केवल पटरी पर ही चलाई जाती हैं? जानें इसके पीछे की खास वजह

Why are trains run only on tracks: नई दिल्ली: आज तक आपने ना जाने कितनी बार ट्रेन में सफर किया होगा. सफर के दौरान आपने कई हजारों किलोमीटर की दूरी भी तय की होगी, लेकिन उस सफर के दौरान या उसके बाद भी क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि आखिर दुनियाभर में चलने वाली सभी ट्रेनें पटरी पर ही क्यों चलती हैं? ऐसा क्या कारण है कि ट्रेन को सामान्य तरीके से सड़क पर नहीं चलाया जाता है? अगर आप इसके पीछे की खास वजह को नहीं जानते हो आइये आज हम आपको इस राज के बारे में बताते हैं. 

पहली वजह है ट्रेन का वजह
दरअसल, ट्रेन को सड़क के बजाय पटरी पर चलाने के पीछे 3 अहम कारण हैं और इसमें सबसे पहली वजह है ट्रेन का भारी भरकम वजन. सड़क पर चलने वाली बाकी गाडियों के मुकाबले ट्रेन का वजन उनके कई गुना ज्यादा होता है. जहां एक लोडेड ट्रक का वजन करीब 18 से 22 टन के आस-पास होता है, वहीं एक ट्रेन का वजन इतना ज्यादा होता है कि उसके वजन का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. इसके अलावा ट्रेक के पहिये की बात करें तो इसकी चौड़ाई लगभग 10 से 15 इंच होती है, जबकि ट्रेन में लगे पहिए की चौड़ाई मात्र 4 इंच ही होती है. अब ऐसे में ट्रेन के पहिये को करीब ढाई से तीन गुना ज्यादा दवाब झेलना पड़ता है. इसी कारण अगर ट्रेन को सड़कों पर चलाया जाएगा, तो इसके लिए सड़कें भी 10 से 12 गुना मजबूत होनी चाहिए.  

दूसरी वजह है ट्रेन के पहियों के बीच का Frictional Force
इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि अगर ट्रेनों को सड़क पर चलाया जाएगा, तो सड़क उनका भार नहीं झेल पाएंगी और वे धस जाएंगी. इसलिए भी ट्रेनों को सड़क के बजाय पटरी पर चलाया जाता है. ट्रेन की पटरी के नीचे स्लीपर डालकर उसके लोड को ज्यादा एरिया में फैला दिया जाता है, जिस कारण सड़क के धसने की परेशानी दूर हो जाती है. इसके अलावा पटरियों और ट्रेन के पहियों के बीच घर्षण बल (Frictional Force) भी काफी कम होता है, लेकिन अगर ट्रेन को सड़क पर चलाया जाए तो घर्षण बल काफी बढ़ जाएगा, और ट्रेन आगे बढ़ ही नहीं पाएगी.

तीसरा कारण है स्टीयरिंग सिस्टम
अब बात करें तीसरे कारण कि, तो हम सभी जानते हैं कि सड़क पर चलने वाली सभी गाड़ियों को दाएं या बाएं मोड़ने के लिए उनमें स्टीयरिंग दिए होते हैं, लेकिन ट्रेन में इस तरह का कोई सिस्टम नहीं होता है. इसलिए अगर ट्रेन को सड़क पर चलाया जाए तो उसे कंट्रोल नहीं किया जा सकेगा और यह भी नहीं तय किया जा सकेगा कि ट्रेन को किसी दिशा में कैसे मोड़ना है.

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