खड़गे ने संभाला पदभार, सोनिया गांधी बोलीं- मेहनत और समर्पण से यहां तक पहुंचे
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खड़गे ने संभाला पदभार, सोनिया गांधी बोलीं- मेहनत और समर्पण से यहां तक पहुंचे

मल्लिकार्जुन खड़ने ने औपचारिक तौर पर कांग्रेस के अध्यक्ष पद के तौर पर पदभार संभाल लिया है. इस मौके पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें बधाई दी है. 

खड़गे ने संभाला पदभार, सोनिया गांधी बोलीं- मेहनत और समर्पण से यहां तक पहुंचे

Congress New President: आज औपचारिक रूप से कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर मल्लिकार्जुन खड़गे की ताजपोशी हो चुकी है. खड़गे की ताजपोशी के दौरान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गंधी समेत कई नेता मौजूद रहे. इस दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि “वे एक अनुभवी और धरती से जुड़े हुए नेता हैं. आज मैं बड़े दायित्व से मुक्त हो रही हूं. बड़ी राहत महसूस कर रही हूं.”

क्या बोलीं सोनिया?

खड़गो को कांग्रेस की कमान सौंपते हुए सोनिया गांधी ने कहा  “मुझे विश्वास है कि खड़गे से पूरी पार्टी को प्रेरणा मिलेगी और उनके नेतृत्व में कांग्रेस लगातार मजबूत होगी. मैं पार्टी के नए अध्यक्ष खरगे जी को बधाई देती हूं. सबसे अधिक संतोष इस बात का है कि जिन्हें अध्यक्ष चुना है वे एक अनुभवी और धरती से जुड़े हुए नेता हैं. एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए अपनी मेहनत और समर्पण से इस ऊंचाई तक पहुंचे हैं.”

खड़गे के लिए हैं चुनौतियां

पदभार ग्रहण करने के बाद उनके सामने एक तरफ राजस्थान का सियासी संकट तत्काल चुनौती बनकर खड़ा है तो अगले कुछ हफ्तों में होने जा रहे गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी बड़ी चुनौती हैं. वहीं, 2024 का लोकसभा चुनाव उनके लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगा. इस समय केवल दो राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस की सरकार है. इस परीक्षा के बाद 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें खरगे का गृह राज्य कर्नाटक भी शामिल है. पार्टी में पीढ़ीगत आधार पर विभाजन भी एक चुनौती है और खरगे को अनुभवी नेताओं व युवाओं के बीच संतुलन बनाए रखना होगा. यही नहीं, उन्हें गांधी परिवार के ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलने की धारणा को भी गलत साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा. खरगे के सामने एक चुनौती ‘उदयपुर नवसंकल्प’ को लागू करने और अपनी नयी टीम में सभी समीकरणों को साधते हुए किसी को नाराज नहीं करने की भी होगी.

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थरूर को दी मात

दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 वर्षीय खरगे ने 17 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी 66 वर्षीय शशि थरूर को मात दी थी. पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था. 

24 साल बाद गांधी परिवार से अलग का अध्यक्ष

24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष बना है. गांधी परिवार के दौड़ से बाहर होने के बाद खरगे ने पार्टी में शीर्ष पद के लिए हुए सीधे मुकाबले में तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर को हराया था. 

महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

खरगे ने पदभार ग्रहण करने से पहले बुधवार सुबह राज घाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. वह पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के स्मृति स्थलों पर भी जाएंगे. पदभार ग्रहण करने से पहले खरगे ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की.

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