आतंकी फंडिंग मामले में DSP गिरफ्तार; दहशतगर्दों को बचाने का है इल्जाम
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1883298

आतंकी फंडिंग मामले में DSP गिरफ्तार; दहशतगर्दों को बचाने का है इल्जाम

Jammu-kashmir News: आतंकी फंडिंग मामले में भ्रष्टाचार और सबूत मिटाने के इल्जाम में DSP शेख आदिल मुश्ताक को गिरफ्तार किया गया है. नौगाम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए और IPC की धारा 167, 193, 201, 210, 218, 221 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

 

आतंकी फंडिंग मामले में DSP गिरफ्तार; दहशतगर्दों को बचाने का है इल्जाम

Jammu-kashmir News: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी फंडिंग मामले में भ्रष्टाचार और सबूत मिटाने के इल्जाम में DSP शेख आदिल मुश्ताक को गिरफ्तार किया है. DSP को गुरुवार यानी 21 सिंतबर को मुख्तलिफ धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल आदिल मुश्ताक को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. कथित तौर पर DSP मुस्ताक के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं थीं.

श्रीनगर पुलिस के मुताबिक, इस साल फरवरी में जब अधिकारी पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी के इल्जाम लगे थे, तब वह नौगाम के SDPO के पद पर तैनात थे. बाद में उनको पद से हटाकर सशस्त्र विंग में ट्रांसफर कर दिया गया था. इसके साथ ही मामले की आंतरिक जांच का आदेश भी दिया गया था. जांच के लिए छह सदस्यीय दल का गठन किया गया था. नौगाम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए और IPC की धारा 167, 193, 201, 210, 218, 221 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मुल्जिम DSP आदिल ने आतंकी फंडिंग मामले के मुल्जिम मुजम्मिल जहूर से मामले में जांच को सीमित रखने और उसे बचाने के लिए पैसा लिया था. सूत्रों ने बताया कि  DSP आदिल ने मामले में चल रही है. जांच को गुमराह करने के लिए उसका सहयोग किया था.

जहूर ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया और टेरर फंडिंग मामले में मुल्जिम पुलिस अधिकारी से मिली मदद का खुलासा किया. जहूर ने FIR 20/2023 में टेरर फंडिंग मामले के मुख्य मुल्जिम उमर आदिल की रिहाई की मांग करते हुए, DSP से मुलाकत की थी और बदले में अधिकारी ने उसे पैसे के बदले जांच सीमित रखने का वादा किया था.

एक अधिकारी ने कहा, "इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आदिल कैसे दहशतगर्दों की मदद कर रहा था. इसने एक पुलिस अधिकारी को फंसाने की भी कोशिश की थी, जो आतंकी फंडिंग के मामले की जांच कर रहा था. DSP ने एक दहशतगर्दी फंडिंग मामले में जांच अधिकारी को फंसाने के लिए एक आतंकी मुल्जिमों की तरफ से झूठी शिकायत भी तैयार की थी. इसमें तीन मुल्जिमों को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था और एक भाग गया था."

पिछले तीन साल के दौरान पुलिस का दहशतगर्दों की मदद करने से जुड़ा यह दूसरा मामला है. 2020 में कश्मीर के DSP दविंदर सिंह को हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो दहशतगर्दो को पनाह देने और दिल्ली ले जाने के इल्जाम में गिरफ्तार किया गया था. दविंदर सिंह जेल में बंद हैं.

Zee Salaam

Trending news