फेक न्यूज फैलाते हैं ये छह यूट्यूब चैनल, सरकार तो क्या, सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं छोड़ा

सूचना और प्रसारण मंत्रालय की पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने छह यूट्यूब चैनलों का भंडाफोड़ किया है, जो भारत में एक समन्वित तरीके से काम कर रहे थे और गलत जानकारी फैला रहे थे. फैक्ट चेक यूनिट ने इन चैनलों की ओर से फैलाई जा रहीं फर्जी खबरों का भंडाफोड़ करने के लिए 100 से ज्यादा फैक्ट चेक वाले छह अलग-अलग ट्विटर थ्रेड जारी किए.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 12, 2023, 05:20 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट, संसद की कार्यवाही के बारे में फैलाया झूठ
  • लगभग 20 लाख सब्सक्राइबर्स थे इन यूट्यूब चैनलों के
फेक न्यूज फैलाते हैं ये छह यूट्यूब चैनल, सरकार तो क्या, सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं छोड़ा

नई दिल्लीः सूचना और प्रसारण मंत्रालय की पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने छह यूट्यूब चैनलों का भंडाफोड़ किया है, जो भारत में एक समन्वित तरीके से काम कर रहे थे और गलत जानकारी फैला रहे थे. फैक्ट चेक यूनिट ने इन चैनलों की ओर से फैलाई जा रहीं फर्जी खबरों का भंडाफोड़ करने के लिए 100 से ज्यादा फैक्ट चेक वाले छह अलग-अलग ट्विटर थ्रेड जारी किए.

सुप्रीम कोर्ट, संसद की कार्यवाही के बारे में फैलाया झूठ
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि कार्यवाही किए गए चैनलों के नाम नेशन टीवी, सरोकार भारत, नेशन 24, संवाद समाचार, स्वर्णिम भारत और संवाद टीवी है. भंडाफोड़ किए गए इन यूट्यूब चैनलों ने चुनावों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत की संसद में कार्यवाही, भारत सरकार के कामकाज आदि के बारे में फर्जी खबरें फैलाईं हैं. 

उदाहरणों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर प्रतिबंध के बारे में झूठे दावे और झूठे बयान शामिल हैं.

लगभग 20 लाख सब्सक्राइबर्स थे इन यूट्यूब चैनलों के
एक अधिकारी ने बताया कि ये चैनल नकली, क्लिकबेट और सनसनीखेज थंबनेल और टीवी चैनलों के टेलीविजन समाचार एंकरों की छवियों का इस्तेमाल कर दर्शकों को यह विश्वास दिला रहे थे कि यह समाचार प्रामाणिक थे. इन चैनलों के लगभग 20 लाख सब्सक्राइबर थे और उनके वीडियो को 51 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है.

एक अधिकारी ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के ओर से यह दूसरी ऐसी कार्रवाई है, जहां पूरे चैनलों का भंडाफोड़ किया गया है. 

ये छह चैनल एक समन्वित गलत सूचना नेटवर्क के हिस्से के रूप में काम करते पाए गए. मंत्रालय की ओर से अब इनके खिलाफ यूट्यूब से कार्यवाही करने के लिए कहा जाएगा.

बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से समय-समय पर फर्जी न्यूज फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों पर शिकंजा कसा जाता है. ऐसे यूट्यूब चैनल समाज में वैमनस्यता फैलाने का काम भी करते हैं.

(इनपुटः आईएएनएस)

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