Safest Places on Earth: परमाणु युद्ध होने पर जिंदगी बचाने के लिए ये हैं धरती पर 6 सुरक्षित जगहें
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Safest Places on Earth: परमाणु युद्ध होने पर जिंदगी बचाने के लिए ये हैं धरती पर 6 सुरक्षित जगहें

Nuclear War: पहले रूस यूक्रेन युद्ध, फिर चीन-ताइवान संकट और अब उत्तरी कोरिया और जापान के बीच चल रहे तनाव ने विश्व में परमाणु युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है. रूस और यूक्रेन के मामले में जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उससे परमाणु युद्ध का खतरा और नजर आता है.

Safest Places on Earth: परमाणु युद्ध होने पर जिंदगी बचाने के लिए ये हैं धरती पर 6 सुरक्षित जगहें

Safest Places on Earth Duing Nuclear Attack: पहले रूस यूक्रेन युद्ध, फिर चीन-ताइवान संकट और अब उत्तरी कोरिया और जापान के बीच चल रहे तनाव ने विश्व में परमाणु युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है. रूस और यूक्रेन के मामले में जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उससे परमाणु युद्ध का खतरा और नजर आता है. इन खतरों की वजह से दुनिया के दूसरे देशों में भी डर का माहौल बना हुआ है. अब अगर रूस, चीन या उत्तरी कोरिया में से कोई भी देश अपने विरोधियों पर परमाणु हमला करता है तो सीधे विश्व युद्ध छिड़ सकता है क्योंकि तीनों ही मामलों में विरोधी देशों को अमेरिका सपोर्ट कर रहा है. अब आशंकाओं और अटकलों से बाहर निकल कर अगर इसे वास्तविक मानते हुए मौजूदा स्थिति में ये देखें कि परमाणु युद्ध होता है तो लोगों के लिए सबसे सुरक्षित जगह कौन सी होगी.

1. कोलोराडो (Colorado, USA)

परमाणु बम के प्रभाव से बचने के लिए सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक है अमेरिका के कोलोराडो (Colorado, USA) में Cheyenne पहाड़ पर मौजूद एक विशालकाय बंकर. इस बंकर में 25 टन का ब्लास्ट डोर है. मौजूदा समय में यहां नॉर्थ अमेरिकन एरोस्पेस डिफेंस कमांड और यूनाइटे स्टेट्स नॉर्दर्न कमांड का हेडक्वॉर्टर बना हुआ है. वर्ष 1966 में अमेरिकी सरकार ने इसे रूसी न्यूक्लियर हमले, बैलिस्टिक मिसाइल, और लॉन्ग रेंज सोवियत बॉम्बर्स से बचने के लिए बनवाया था.

2. एनटार्कटिका (Antarctica)

परमाणु हमले की चपेट में अगर दुनिया के सभी देश आ जाते हैं तो एनटार्कटिका धरती पर इकलौती ऐसी जगह होगी जहां आदमी सेफ रह सकेगा. दरअसल वर्ष 1961 में एक संधि के तहत दुनिया के 12 देशों ने एनटार्कटिका को वैज्ञानिक रिसर्च (scientific preserve) की जगह मानी थी. इस संधि की वजह से यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधी नहीं हो सकती है. यानी युद्ध के वक्त भी देश यहां हमला नहीं कर सकते. इस संधि पर अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, चिली, फ्रांस, जापान, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, साउथ अफ्रीका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, चीन, ब्राजील, जर्मनी, उत्तर कोरिया और पोलैंड ने साइन कर रखा है.

3. आइसलैंड (Iceland)

परमाणु के प्रभाव से बचने के लिए आइसलैंड (Iceland) भी सुरक्षित जगह है. खास बात ये है कि यहां जनसंख्या कम है और सरकार भी न्यूट्रल है. यह देश अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों से अलग ही रहता है. ऐसे में इस पर परमाणु हमले की आशंका न के बराबर है.

4. गुआम आइलैंड (Guam)

यह इलाका प्रशांत महासागर में पड़ता है. यह अमेरिका का एक स्वशासी क्षेत्र (Self governing territory) है. अगर यहां कि कुल आबादी पर नजर डालें तो वह करीब 1.6 लाख है और इसकी आर्मी भी बहुत छोटी है. इसमें महज 1300 लोग ही हैं. इसमें भी 280 लोग ही फुल टाइम काम करते हैं. ऐसे में इस छोटे आइलैंड पर कभी कोई हमला नहीं करेगा.

5. ऑस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ (Perth, Western Australia)

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ (Perth, Western Australia) भी परमाणु असर से बचने के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में से एक है. यहां की आबादी 20 लाख के आसपास है. यहां कई लोग रुक सकते हैं.

6. इजरायल (Israel)

अगर फिलिस्तिन को छोड़ दें तो इजरायल का और किसी भी देश से कोई बड़ा विवाद नजर नहीं आता. इसके अलावा दुनिया के कई धर्मों के प्रमुख धार्मिक स्थल यहां मौजूद हैं. ऐसे में कोई भी देश यहां परमाणु हमले की नहीं सोचेगा. अगर बात करें भारत की तो भारत और इजरायल के संबंध बहुत अच्छे हैं. ऐसे में भारत के लोगों के लिए यहां छिपना आसान हो सकता है. 

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