Dengue Fever: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, जा सकती है जान; जानें कैसे करें डेंगू और वायरल बुखार में अंतर
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Dengue Fever: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, जा सकती है जान; जानें कैसे करें डेंगू और वायरल बुखार में अंतर

Dengue Fever Symptoms: दिल्ली-एनसीआर में डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. अस्पतालों में डेंगू मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है. अगर वक्त रहते इस बुखार की पहचान कर इलाज न करवाया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है. 

Dengue Fever: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, जा सकती है जान; जानें कैसे करें डेंगू और वायरल बुखार में अंतर

Difference between Dengue and Viral Fever: मानसून अब विदाई की बेला में हैं. अगले कुछ दिनों में यह पूरी तरह विदा हो जाएगा. हालांकि उमस भरी गर्मी अभी बनी रहेगी लेकिन बारिश नहीं होगी. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसा मौसम डेंगू के मच्छरों के लिए आदर्श होता है. इसके चलते डेंगू (Dengue Fever) के मामले बढ़ने शुरू हो जाते हैं. हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के करीब 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इसके चलते डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और पानी की नियमित सफाई करने की सलाह दी है. 

तीनों बुखार के सामान्य लक्षण

लोगों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि वे सामान्य बुखार, मलेरिया और डेंगू में अंतर कैसे करें. इसकी वजह ये है कि इन तीनों बुखारों के ज्यादातर लक्षण एक जैसे होते हैं. ऐसे में अगर इन तीनों बुखारों में समय रहते अंतर करके सही इलाज शुरू न किया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है. डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू और सामान्य बुखार के कई लक्षण एक समान होते हैं. जैसे कि सिरदर्द, शरीर में पेन, खांसी, सर्दी और शरीर का तापमान बढ़ जाना. हालांकि डेंगू बुखार में इन लक्षणों के अलावा कुछ अलग लक्षण भी नजर आते हैं, जिन्हें पहचानकर आप समय रहते इसका सही इलाज करवा सकते हैं.

डेंगू बुखार की ऐसे करें पहचान

मेडिकल एक्सपर्टों के मुताबिक वायरल बुखार के मामलों में शरीर का तापमान 99 डिग्री फारेनहाइट से लेकर 101 डिग्री फारेहाइट तक हो सकता है. वहीं डेंगू से पीड़ित लोगों में बॉडी का टेंपरेचर 103-104 डिग्री फारेनहाइट तक होता है. इसके साथ ही डेंगू (Dengue Fever Symptoms) से पीड़ित मरीजों के शरीर पर खून के थक्कों की तरह चकत्ते हो जाते हैं. ये दोनों खास लक्षण हैं, जिनके आधार पर आप दोनों बुखार में अंतर कर सकते हैं. 

कई बार बिना लक्षणों के भी डेंगू

डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू (Dengue Fever) के हर मरीज में ये दोनों लक्षण दिखाए दें, यह कतई जरूरी नहीं है. कई बार मरीज में ये दोनों लक्षण नहीं दिखते लेकिन उसमें अंदर ही अंदर डेंगू बुखार बढता रहता है. ऐसे में सभी लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर उन्हें 3-4 दिनों तक दवा लेने के बावजूद बुखार, ठंड, खांसी और सिरदर्द ठीक न हो तो किसी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से मिलकर अपनी डेंगू की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए. डेंगू का समय रहते जांच और इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है. 

जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

हेल्थ एक्सपर्टों का कहना है कि डेंगू (Dengue Fever) के इलाज से बेहतर है कि यह बीमारी ही न हो. इसके लिए लोगों को कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. इनमें पूरी बाजू के कपड़े पहनने, पानी इकट्ठा होने वाले सभी स्थानों की नियमित सफाई करना और मच्छरों को मारने वाली दवाओं का छिड़काव करना शामिल है. अगर इन तीनों उपायों पर सख्ती से ध्यान दिया जाए तो डेंगू होने से आसानी से बचा जा सकता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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