MP Chunav Result 2023: 2018 में कांग्रेस को वोट मिले कम लेकिन सीटें जीती अधिक, अबकी BJP के 8% के गणित ने किया हिसाब चुकता
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MP Chunav Result 2023: 2018 में कांग्रेस को वोट मिले कम लेकिन सीटें जीती अधिक, अबकी BJP के 8% के गणित ने किया हिसाब चुकता

Madhya Pradesh Assembly Result 2023: मध्य प्रदेश में कांग्रेस को शर्मनाक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है. अगर बात वोट प्रतिशत की करें तो 2018 की तुलना में कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि सीटों की संख्या में जबरदस्त गिरावट हुई. अगर बीजेपी की बात करें तो करीब 48 फीसद मतों के साथ बीजेपी 163 सीट जीतने में कामयाब हुई.

MP Chunav Result 2023:  2018 में कांग्रेस को वोट मिले कम लेकिन सीटें जीती अधिक, अबकी BJP के 8% के गणित ने किया हिसाब चुकता

Madhya Pradesh Elections Result 2023:  मध्य प्रदेश का नतीजा भी चौंकाने वाला रहा. बीजेपी की सुनामी में कांग्रेस करीब करीब साफ हो गई. बीजेपी को जहां 163 सीटों पर जीत हासिल हुई वहीं कांग्रेस 100 के आंकड़े से नीचे सिमट गई. यह नतीजे  चुनावी विश्लेषकों के लिए भी खास है. क्या मतों की प्रतिशत की वजह से मामा यानी शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर सरकार बनाने में कामयाब हुये. अगर मत प्रतिशत की बात है तो 2018 के चुनावी नतीजों पर भी ध्यान देना जरूरी है. 2018 की चुनाव की खासियत यह है कि करीब 40 फीसद मत पाकर कांग्रेस उस दफा 115 सीटों जीतने में कामयाब हुई. लेकिन इस दफा उतने ही मत प्रतिशत में कांग्रेस 66 सीट पर सिमट गई.  

2018 में कांग्रेस को मिले थे 40.89 फीसद मत

2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को लगभग 48.55 प्रतिशत वोट मिले जो कांग्रेस की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है. इस बढ़त की बदौलत भाजपा ने न केवल 163 सीट पर जीत दर्ज की है बल्कि मध्य प्रदेश की द्वि-ध्रुवीय राजनीति में अपनी स्थिति भी पहले से मजबूत कर ली है. भाजपा को 163 सीटों के साथ लगभग 48.55 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेस का वोट प्रतिशत 40.89 (2018) के मुकाबले लगभग 40.40 ही रहा और कुल सीटों की संख्या 114 से घटकर 66 हो गई. करीब आठ प्रतिशत मतों की बढ़त ने भाजपा को 2018 में 109 सीटों से 2023 में 163 सीटों पर पहुंचा दिया.

2018 में बीजेपी को मिले थे करीब 41 फीसद वोट

2003 में, भाजपा को 42.50 प्रतिशत वोट मिले थे और वह 173 सीटों पर विजयी हुई थी, जबकि कांग्रेस को 31.6 प्रतिशत वोट मिले थे और उसने 38 सीट पर कब्जा किया था. इसी तरह, 2008 में भाजपा का वोट प्रतिशत 143 सीटों के साथ 37.64 था जबकि कांग्रेस का 71 सीटों के साथ 32.39 प्रतिशत था. 2013 में भाजपा को 44.88 फीसदी वोट के साथ 165 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 36.38 फीसदी वोट के साथ 58 सीटें मिलीं.2018 में भाजपा को 41.02 प्रतिशत वोट मिले और उसे 109 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 40.89 प्रतिशत वोट मिले और उसे 114 सीटें मिलीं.

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