तिरुपति मंदिर में भक्तों का तांता, घंटों लाइन में लगकर ले रहे हैं बालाजी का आशीष
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तिरुपति मंदिर में भक्तों का तांता, घंटों लाइन में लगकर ले रहे हैं बालाजी का आशीष

तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे धनवान मंदिरों और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. बुधवार को चढ़ावे के रूप में 3 करोड़ 02 लाख रुपये का चढ़ावा आया है. 

भगवान वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है.

नई दिल्ली/तिरुमाला, डी.एम. शेषागिरी: आंध्र प्रदेश के चित्‍तूर जिले में स्थित भगवान वेंकटेश्‍वर के तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्‍तों की भीड़ पिछले कई दिनों से बरकरार है. हर साल की तरह इस बार भक्तों का तांता मंदिर में लगा हुआ है. रोज हजारों की संख्या में भक्त तिरुमाला पर्वत पर स्थित भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन कर रहे हैं. बुधवार (28 अगस्त) को करीब 67 हजार 560 श्रद्धालुओं ने तिरुपति बालाजी के दर्शन किए. 

यह स्थान भारत के सबसे अधिक तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र है. हर साल करोड़ों लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं. तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे धनवान मंदिरों और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. बुधवार को चढ़ावे के रूप में 3 करोड़ 02 लाख रुपये का चढ़ावा आया है. 

सभी श्रद्धालु 'क्यू कॉम्प्लेक्स' के दो कम्पार्टमेंट्स में दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. मंदिर में सर्वदर्शन का औसत समय अब 6 घंटे कर दिया गया है.

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आपको बता दें कि भगवान वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. मान्यता है कि प्रभु विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था. गौरतलब है कि भगवान इस प्राचीन मंदिर में अमीर-गरीब से लेकर फिल्मी सितारे और बड़े-बड़े कारोबारी तक दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बालाजी के दर्शन करते हैं. इस मंदिर के प्रचलित होने के पीछे कई सारी किवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें से एक में कहा जाता है कि तिरुपति बालाजी यहां अपनी पत्नी पद्मावती के साथ रहते हैं.

वहीं, मंदिर में मौजूद एक छड़ी के बारे में कहा जाता है कि इस छड़ी से बालाजी की बाल रूप में पिटाई हुई थी. जिससे उनकी ठोड़ी पर चोट भी लगी थी, जिससे खून आने के चलते ही बालाजी को चंदन चढ़ाने की प्रथा शुरू हुई थी.

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