Uttarkashi Rat Miner: 'मेरे पति तो उत्तरकाशी के हीरो थे', घर टूटने के बाद सरकार पर भड़की रैट माइनर की पत्नी
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Uttarkashi Rat Miner: 'मेरे पति तो उत्तरकाशी के हीरो थे', घर टूटने के बाद सरकार पर भड़की रैट माइनर की पत्नी

Rat Miner House Demolition: रैट माइनर का घर गिराए जाने के बाद से विपक्षी पार्टियां सरकार पर निशाना साध रही हैं. प्रियंका गांधी और असदुद्दीन ओवैसी ने डीडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.

Uttarkashi Rat Miner: 'मेरे पति तो उत्तरकाशी के हीरो थे', घर टूटने के बाद सरकार पर भड़की रैट माइनर की पत्नी

Uttarkashi Rat Miner Wife Video: दिल्ली में डीडीए (DDA) ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और तमाम अवैध मकानों को तोड़ दिया है. खबर है कि इस अभियान में उस रैट माइनर (Rat Miner) वकील हसन (Wakeel Hassan) का घर भी टूट गया, जिसमें हाल ही में उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल के रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि, डीडीए का कहना है कि हमने खजूरी खास में अवैध तरीके से बने मकानों को तोड़ा है. इस बीच, वकील हसन ने कहा कि घर वापस मिलने सड़क पर अनशन करूंगा. तो दूसरी तरफ वकील हसन की पत्नी ने ज्यादती के आरोप लगाए हैं. इसका वीडियो प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है.

वकील हसन की पत्नी के आरोप

प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए उसके कैप्शन में लिखा कि मेरे हसबैंड तो हीरो थे उत्तरकाशी के. 41 लोगों की जान बचाई थी उन्होंने. सब उन्हें सम्मान दे रहे थे. आज उस सम्मान के बदले मेरा मकान ले लिया. वकील हसन ने अपनी जान जोखिम में डालकर उत्तरकाशी सुरंग में फंसे मजदूरों की जान बचाई थी. तब अपने प्रचार के लिए बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं थीं. जब प्रचार खत्म हो गया तो आज उसी वकील हसन को थाने में बंद कर दिया और उनका घर तोड़कर उनके बच्चों के सिर से छत छीन ली. गरीबों का घर तोड़ना, उन्हें कुचलना, प्रताड़ित और अपमानित करना- यह अन्याय ही बीजेपी के 'अन्यायकाल' की सच्चाई है. जनता इस अन्याय का जवाब जरूर देगी.

डीडीए की कार्रवाई में टूटा घर

जान लें कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDD) ने बुधवार को खजूरी खास इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था. जिसमें कई घरों को ढहाया गया. डीडीए की इस ड्राइव में बेघर होने वाले लोगों में वकील हसन भी शामिल हैं. जिनको पिछले साल नवंबर में अपनी टीम के साथ उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल में फंसे हुए 41 मजदूरों को बचाने के लिए सम्मानित किया गया था. वकील हसन पेशे से 'रैट होल माइनर' हैं.

ओवैसी का डीडीए पर निशाना

पिछले साल उत्तरकाशी में फंसे 41 लोगों की जान बचाने वाले रैट माइनर वकील हसन के मकान को बुलडोजर से ढहा दिया गया है. डीडीए ने नोटिस तक नहीं दिया, बुलडोजर तब चलाया गया जब वकील के बच्चे उनके घर पर अकेले थे. वकील और उनके साथियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उन 41 लोगों को बचाया था. किसी भी सभ्य समाज में उन्हें राष्ट्रीय नायक का दर्जा दिया जाता, पर शायद उनका नाम वकील हसन है इसलिए मोदी राज में उनके लिए सिर्फ बुलडोजर, एनकाउंटर वगैरह मुमकिन है.

घर ढहाए जाने के बाद वकील हसन का बयान

घर ढहाए जाने के बाद वकील हसन ने कहा, ‘हमने सिल्कयारा टनल में 41 लोगों को बचाया और बदले में हमें ये मिला. पहले, मैंने अफसरों और सरकार से अपील की थी कि ये घर हमें दे दिया जाए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बिना किसी पहले से सूचना के डीडीए की टीम ने आकर इसे तोड़ दिया.

(इनपुट- भाषा)

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