Rudraprayag: अब कार्तिक स्वामी मंदिर में मोर के दर्शन भी कर सकेंगे भक्त, जानिए कैसे?
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Rudraprayag: अब कार्तिक स्वामी मंदिर में मोर के दर्शन भी कर सकेंगे भक्त, जानिए कैसे?

उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के रुद्रप्रयाग ( Rudraprayag ) से भगवान कार्तिकेय के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रुद्रप्रयाग के क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर ( Kartik Swami Temple ) में अब उनके वाहन के दर्शन भी हो सकेंगे.

Rudraprayag: अब कार्तिक स्वामी मंदिर में मोर के दर्शन भी कर सकेंगे भक्त, जानिए कैसे?

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के रुद्रप्रयाग ( Rudraprayag ) से भगवान कार्तिकेय के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रुद्रप्रयाग के क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर ( Kartik Swami Temple ) में अब उनके वाहन के दर्शन भी हो सकेंगे. बता दें कि कार्तिकेय मंदिर समिति ने कार्तिक स्वामी मंदिर के ठीक सामने पूजा-अर्चना करने के साथ ही भगवान के वाहन मयूर मोर की स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई. जानकारी के मुताबिक बीते शनिवार को पूजन-अर्चन और हवन के बाद इस कार्यक्रम का समापन किया गया.

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भगवान कार्तिकेय के वाहन मोर की हुई प्राण प्रतिष्ठा
आपको बता दें कि शनिवार को भगवान कार्तिकेय के वाहन मोर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आचार्य वासुदेवनंद थपलियाल, सुधीर नौटियाल आदि द्वारा सनातन परम्परा के अनुसार शुरू किया गया. सबसे पहले सुबह पूजा-अर्चना की गई. इस मामले में कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भक्तों की मांग और भगवान की आज्ञा के साथ मंदिर के पास भगवान के वाहन मोर राज को स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा की गई है. 

दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के बाद भगवान के वाहन मयूर के भक्तों कर सकेंगे दर्शन
आपको बता दें कि दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में विद्वान आचार्य द्वारा सनातनी परंपरा के अनुसार भगवान के वाहन मयूर की पूजा-अर्चना की जाएगी. इसके बाद आम भक्तों के दर्शन के लिए इसे खोल दिया जाएगा. दरअसल, जैसे आम तौर पर शिवालयों में बाहर नंदी विराजमान होते हैं, उसी तरह अब कार्तिक स्वामी मंदिर में भी उनकी सवारी मोर भक्तों को आकर्षित करेंगे. इतना ही नहीं भक्तों को भगवान कार्तिकेय के सवारी की पूजा करने का अवसर भी मिलेगा. 

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