Navaratri 2023: मनचाही मुराद पूरी करने के साथ बीमारियों से भी बचाएगा ये व्रत, इस नवरात्र से करें शुरुआत
Advertisement
trendingNow0/india/up-uttarakhand/uputtarakhand1905858

Navaratri 2023: मनचाही मुराद पूरी करने के साथ बीमारियों से भी बचाएगा ये व्रत, इस नवरात्र से करें शुरुआत

Vrat ke Benefits : नवरात्र का व्रत शुरू होने वाला है. इस दौरान मां दुर्गा से मनचाही मुराद के लिए बहुत से लोग व्रत रखते हैं. व्रत के धार्मिक महत्व तो आपको पता हैं. लेकिन क्या आपको पता है व्रत आपको कई बीमारियों से बचाता है.

Navaratri 2023: मनचाही मुराद पूरी करने के साथ बीमारियों से भी बचाएगा ये व्रत, इस नवरात्र से करें शुरुआत

Benefits Of Fasting : नवरात्रि Navaratri 2023 का त्योहार 15 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जिसमें कुछ लोग 8 दिन तक तो वहीं कुछ 9 दिनों तक व्रत रखते हैं. सनातन संस्कृति में उपवास यानी व्रत की परंपरा सदियों से चली आ रही है. हिंदू धर्म के अलावा भी कई धर्मों में अलग-अलग तरीकों से उपवास रखा जाता है. व्रत के दौरान लोग फलाहार का सेवन करते हैं. व्रत के दौरान कई लोग नमक भी नहीं खाते हैं. सभी धर्मों में व्रत को श्रद्धा और भक्त‍ि से जोड़कर देखा जाता है लेकिन आजकल की जनरेशन में लोग अपना वजन कम करने और फिट रहने के लिए भी व्रत रखते हैं.  इस नवरात्र पर आप चाहें तो एक दो या पूरे 9 दिन व्रत रखकर शरीर में होने वाले बदलाव देख सकते हैं.

व्रत रहने का शरीर पर क्या असर पड़ता है?
व्रत रखने से शरीर में मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, जिससे शरीर को सफाई करने का समय मिलता है और शरीर से जहरीले पदार्थ दूर होते हैं.
व्रत करने से शरीर फिजिकली और मेंटली दोनों तरीकों से रिलैक्स होता है.
उपवास से वजन कम करने की जर्नी आसान हो सकती है, व्रत के दौरान आपकी फैट बर्निंग प्रोसेस तेज हो जाती है. 

यह भी पढ़ें: खाली पेट पिएं इस सब्जी का पानी, भूलकर भी बुखार आपके नजदीक नहीं आएगी
NCBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 12 हफ्तों तक 1 दिन छोड़कर व्रत करने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का लेवल 20 से 25 प्रतिशत तक कम होता है.
वहीं 3 से 12 हफ्तों तक एक दिन छोड़कर व्रत करने से शरीर से टोटल कोलेस्ट्रॉल का 10 से 21 प्रतिशत कम होता है. ये आंकड़ा सही वजन वाले व्यक्ति, ज्यादा वजन के व्यक्ति और मोटापे से ग्रसित लोगों का है.
हालांकि ऐसे लोग जिनका कोई न कोई उपचार चल रहा हो, या डॉक्टर ने व्रत रखने के लिए मना किया हो, वह डॉक्टरी परामर्श के बाद ही ऐसा करें.

व्रत की सफलता उसकी पवित्रता में है. पवित्रता प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य से जुड़ा है. इसलिए इसका सीधा असर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है. सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक पहुंचाई गई हैं. हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी. ZEE UPUK इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा. 

Varanasi: Asian Games में काशी के लाल ने देश का नाम किया रोशन, घर में ऐसे मन रही खुशहाली

Trending news