Aaj Ka Panchang 5th February: आज का पंचांग, देखें तिथि, ग्रह, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
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Aaj Ka Panchang 5th February: आज का पंचांग, देखें तिथि, ग्रह, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 5th February: सोमवार, 05 फरवरी 2024 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है. शुभ मुहूर्त की बात करें तो सोमवार को अभिजीत मुहूर्त 12:13 से 12:56 मिनट तक रहेगा.  5 फरवरी को रात 9 बजकर 42 मिनट पर मंगल मकर राशि में प्रवेश करेंगे.

 

Aaj Ka Panchang 5th February: आज का पंचांग, देखें तिथि, ग्रह, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj ka Panchang 5th February​ 2024: हिंदू कैलेंडर में पंचांग एक जरूरी हिस्सा होता है. यह महीने की तीस तिथियों और पांच अंगों (वार, योग, तिथि, नक्षत्र और करण) से मिलकर बनता है. दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में हर प्रकार की जानकारी प्रदान करता है. आइये जानते हैं 5th February 2024 का पंचाग... 

वार-सोमवार
पक्ष-कृष्ण
योग-ध्रुव-10.52 एम तक,फिर व्याघात
करण-विष्टि-5.24 पीएम तक, बव-4.52 एएम , फरवरी 06 तक.

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 7:07 एएम
सूर्यास्त: शाम 6:03 पीएम

शुभ मुहूर्त
माघ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि: 05 फरवरी 2024 को  शाम 5 बजकर 25 मिनट तक.
ध्रुव योग: 5 फरवरी को सुबह 10 बजकर 51 मिनट.
ज्येष्ठा नक्षत्र: 05 फरवरी 2024 को  सुबह 7 बजकर 54 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लग जाएगा.
05 फरवरी 2024: मंगल ग्रह मकर राशि में करेंगे प्रवेश.

राहुकाल का समय

दिल्ली: सुबह 08:29 से सुबह 09:51 तक.
मुंबई:सुबह 08:37 से सुबह 10:02 तक.
लखनऊ: सुबह 08:12 से सुबह 09:35 तक.
भोपाल: सुबह 08:23 से सुबह 09:46 तक.
कोलकाता: सुबह 07:38 से सुबह 09:02 तक.
अहमदाबाद: सुबह 08:42 से सुबह 10:05 तक.

ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से किसी महीने में 31 और किसी महीने में 1 दिन होते हैं. अगर हम हिंदू कैलेंडर की बात करें तो उसके हिसाब से हर माह में 1 दिन ही होते हैं, जिन्हें तिथि कहा जाता है. ये तिथियां दो पक्षों में होती हैं. इनमें से एक पक्ष को शुक्ल और एक पक्ष को कृष्ण कहा जाता है. ये 15-15 दिन के होते हैं. हिंदू कैलेंडर के हिसाब से इन तिथियों को प्रतिप्रदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और एक पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या और दूसरे पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहा जाता है. इन्हीं सब के आधार पर पंचांग बनता है. 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है.  सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक पहुंचाई गई हैं. हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी. ZEE UPUK इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा. 

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