CM गहलोत के बयान पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का पलटवार, जानें क्या कहा
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CM गहलोत के बयान पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का पलटवार, जानें क्या कहा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं के मुंह से लोकतंत्र की दुहाई देना अच्छा नहीं लगता. पूनिया ने कहा कि लोकतंत्र की बात करना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के नेताओं को इसलिए शोभा नहीं देता क्योंकि देश पर आपातकाल कांग्रेस ने थोपा है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा- देश पर आपातकाल कांग्रेस ने थोपा.

Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं के मुंह से लोकतंत्र की दुहाई देना अच्छा नहीं लगता. पूनिया ने कहा कि लोकतंत्र की बात करना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के नेताओं को इसलिए शोभा नहीं देता क्योंकि देश पर आपातकाल कांग्रेस ने थोपा है.

देश पर आपातकाल कांग्रेस ने थोपा- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया
अनुच्छेद 356 का दुरूपयोग कर सैकड़ों बार राज्य सरकारों को अस्थिर करने के षड़यंत्र रचे गए और राजस्थान में भी इस कांग्रेस सरकार के शासन में जिस भी कांग्रेस और अन्य विधायकों ने लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ राजद्रोह के मुकदमे दर्ज करा दिए और विधायकों की जासूसी के लिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग किया गया.

पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम के बारे में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया, उनको बर्खास्त किया गया और उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए, इस बारे में सबको पता है. पूनिया ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपाई और अन्य विधायकों को डराने- धमकाने के लिए भी पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग किया, उनके घरों पर जासूसी के लिए पुलिस का पहरा बिठा दिया गया. क्या यह कार्यशैली लोकतंत्र की बात करने वाले सीएम अशोक गहलोत के लिए शोभा देती है?

अपने हक के लिए जयपुर में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को कांग्रेस सरकार ने तानाशाही रवैये से गिरफ्तार कर उनकी आवाज को दबाया है और मुख्यमंत्री बात लोकतंत्र की करते हैं, जो उनकी कार्यशैली से साम्यता नहीं रखती.

रीट पेपर लीक मामले, मुख्यमंत्री को किस बात का डर-  सतीश पूनिया
पूनिया ने कहा कि रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई से जांच कराने से मुख्यमंत्री को किस बात का डर है? अगर डर नहीं है तो सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करनी चाहिए, जिससे प्रदेश के युवाओं को न्याय मिल सके. पूनिया ने कहा कि इससे स्पष्ट है मुख्यमंत्री इस मामले की सीबीआई से इसलिए जांच नहीं करवा रहे, क्योंकि इस पेपर महाघोटाला के कांग्रेस के बड़े नेताओं से तार जुड़े हुए हैं और पेपर लीक माफियाओं को कांग्रेस सरकार का संरक्षण प्राप्त है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं व घोषणाओं की बात करें तो ज्यादातर कागजों में हैं, और जो किसानों एवं युवाओं से वादे किये वो आज तक भी अधूरे हैं, जिसमें बेरोजगारी भत्ता, भर्तियां और किसान कर्जमाफी सहित इत्यादि के नाम पर सिर्फ वादाखिलाफी की गई और झूठ बोला गया.

कांग्रेस की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है- सतीश पूनिया
पूनिया ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत को यह जमीनी हकीकत पता चल चुकी है कि राजस्थान में कांग्रेस की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है. पूरे प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का माहौल है, मुख्यमंत्री गांधी खानदान को खुश करने के लिए केन्द्र सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं का विरोध करते हैं और प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का षड़यंत्र करते हैं, जो किसी से छिपा नहीं है.

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पूनिया ने कहा कि जनता आतुर है कांग्रेस की प्रदेश से हमेशा की विदाई के लिए. पूनिया बोले कि 2023 में भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व व कल्याणकारी योजनाओं से तीन चौथाई बहुमत के साथ राजस्थान में सरकार बनाएगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता हमेशा के लिए सत्ता से बाहर कर देगी.

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