Rajasthan Tourism: राजस्थान के ये शिवस्थान है पहाड़ों के बीच स्थित, एक जगह तो बदलता है शिविलिंग का रंग
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Rajasthan Tourism: राजस्थान के ये शिवस्थान है पहाड़ों के बीच स्थित, एक जगह तो बदलता है शिविलिंग का रंग

Rajasthan Tourism: सावन महीने का पहला सोमवार 10 तारीख को है.राजस्थान में कई शिवस्थान हैं जो पहाड़ों के बीच स्थित हैं.यहां जानिए प्रमुख शिवस्थानों के बारे में.

Rajasthan Tourism: राजस्थान के ये शिवस्थान है पहाड़ों के बीच स्थित, एक जगह तो बदलता है शिविलिंग का रंग

Rajasthan Tourism: सावन का महीना शुरू हो चुका है.ऐसे में इस बार मौसम विभाग के मुताबिक अच्छी बारिश होने के संकेत हैं. सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि अगर सच्चे मन से भोलेनाथ की भक्ति की जाए तो सारी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.

राजस्थान में भी भगवान शंकर के कई मंदिर हैं. अलग-अलग मंदिरों की अपनी अपनी मान्यता है. सावन के महीने में आपको राजस्थान के प्रसिद्ध शिव मंदिरों के बारे में जानकारी देते हैं जो की पहाड़ों पर स्थित है. यहां जाने से आपकी भक्ति भी हो सकती है, साथ ही आप प्रकृति के बीच रहकर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं.

नीलकंठ महादेव मंदिर-पुष्कर, राजस्थान

नीलकंठ महादेव का मंदिर पुष्कर में स्थित है. ये स्थान पचकुंड या गौ मुख के नाम से भी विख्यात है. यहां गौ मुख कुंड में 24 घंटे 7 दिन निरंतर जल प्रवाह जारी रहता है. मान्यता है कि पंडाव अपने अज्ञातवास के दौरान पुष्कर के नीलकंठ महादेव के मंदिर में प्रवास किया था. मंदिर एक पहाड़ पर स्थित है, जो चारों ओर से प्रकृति से घिरा हुआ है. सावन महीने में महादेव का श्रृंगार यहां पर होता है.

नालदेश्वर मंदिर,अलवर

राजस्थान के अलवर शहर से 24 किलोमीटर दूर नालदेश्वर महादेव मंदिर है. यह मंदिर पत्थर की चोटियों और सुंदर हरियाली के बीच है. बारिश के दौरान यहां पर आप महादेव के दर्शन के साथ प्रकृति का असली आनंद भी ले सकते हैं.

परशुराम महादेव मंदिर, पाली

राजस्थान के पाली और राजसमंद सीमा पर परशुराम महादेव का मंदिर स्थित है.यहां मंदिर की मुख्य गुफा राजसमंद जिले में आती है, वहीं कुंड पाली जिले में आता है. मंदिर में जाने के लिए लगभग 500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है. बताया जाता है कि गुफा के अंदर जो मंदिर है वह स्वंय भू है. बताया जाता है कि यहां भगवान परशुराम ने कठोर तपस्या की थी.

अचलेश्वर महादेव मंदिर, धौलपुर

अचलेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर है. बताया जाता है यहां जो शिवलिंग है वह रंग बदलता है.बताया जाता है ये शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है. श्रद्धालु बताते हैं कि सुबह की समय शिवलिंग का रंग लाल, दोपहर में केसरिया और शाम को रंग सांवाला हो जाता है.

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