Padma Award 2024: मध्यप्रदेश के ओम प्रकाश शर्मा को पद्मश्री, जानें किस लिए मिला सम्मान
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Padma Award 2024: मध्यप्रदेश के ओम प्रकाश शर्मा को पद्मश्री, जानें किस लिए मिला सम्मान

Padma Awards 2024 News: गुरुवार रात पद्म पुरस्कार 2024 की घोषणा की गई. इसमें मध्य प्रदेश के ओम प्रकाश शर्मा को भी पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है. आइए जानते हैं उनके बारे में.

 

Padma Award 2024: मध्यप्रदेश के ओम प्रकाश शर्मा को पद्मश्री, जानें किस लिए मिला सम्मान

Padma Award 2024: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. इन पद्म अवॉर्ड में मध्यप्रदेश के ओम प्रकाश शर्मा को पद्मश्री सम्मान दिया गया. बता दें कि ओम प्रकाश शर्मा को भारत में माच लोक रंगमंच का चेहरा माना जाता है. उन्होंने माच के लिए मालवी भाषा में कई नाटक लिखे हैं. ओम प्रकाश शर्मा को ओम दादा के नाम से जाना जाता है. आइए जानते हैं कौन हैं ओम प्रकाश शर्मा?

कौन हैं ओम प्रकाश शर्मा?
मध्य प्रदेश के पंडित ओम प्रकाश शर्मा को वर्ष 2024 के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. उज्जैन के रहने वाले पंडित ओम प्रकाश शर्मा को भारत में माच लोक रंगमंच का चेहरा माना जाता है. उन्होंने माच के लिए मालवी भाषा में कई नाटक लिखे हैं. उन्होंने थिएटर प्रस्तुतियों के लिए संगीत भी तैयार किया और युवा कलाकारों को इस लोक कला का प्रशिक्षण भी दिया. 

200 साल पुरानी परंपरा को बढ़ाने के लिए 7 दशक 
85 वर्षीय ओम प्रकाश शर्मा ने अपनी जिंदगी के 70 साल मालवा की 200 साल पुरानी इस पारंपरिक लोक नृत्य नाटिका को दिए हैं. माच गायन के अलावा उन्होंने 18 नाटक लिखे. मालवी माच गीत और नाटकों के साथ उन्होंने देशभर में कई प्रस्तुतियां दीं. बता दें कि उस्ताद कालूराम उनके दादा थे. 

छोटी उम्र से माच का अध्ययन
पंडित ओम प्रकाश शर्मा बचपन से ही माच लोक कला का अभ्यास करते रहे हैं. उन्होंने पांच वर्ष की छोटी उम्र से माच का अध्ययन और शास्त्रीय गायन की शिक्षा अपने पिता पंडित शालीग्राम से लेना शुरु कर दिया था. वर्तमान में वे कालूराम लोक कला केन्द्र के डायरेक्टर हैं. 

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क्या है माच शैली
100-150 साल पहले मालवा क्षेत्र के अखाड़ों में माच का प्रदर्शन मनोरंजन के लिए होता था. माच गीतों में बड़े ढोलक, सारंगी व अन्य वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है. हालांकि अब कलाकार हारमोनियम का भी उपयोग करने लगे हैं. माच हिंदी शब्द मंच का अनुवाद है. माच कला की प्रस्तुति पहले  होली के आस-पास होती थी. मालवा के अखाड़ों में इनकी प्रस्तुति होती थी.

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